सार्वजनिक भूमि पर अवैध धार्मिक ढांचों को हटाने मामले में हरियाणा-पंजाब के सभी DC हाईकोर्ट में हुए पेश, जानिए क्या दिए जवाब
सार्वजनिक भूमि पर बने अवैध धार्मिक ढांचों को हटाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन न करने पर पंजाब हरियाणा और चंडीगढ़ के डीसी हाईकोर्ट में पेश हुए। कोर्ट को बताया गया कि अनुपालन की कार्रवाई जारी है जिसके बाद हाईकोर्ट ने अवमानना कार्यवाही रोक दी और एक सप्ताह में हलफनामा दायर करने का आदेश दिया।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। सार्वजनिक भूमि पर अवैध धार्मिक ढांचों को हटाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अनुपालना न होने पर पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के डिप्टी कमिश्नरों को जारी अवमानना नोटिस के बाद वीरवार को सभी जिलों डीसी हाईकोर्ट में वर्चुअली तौर पर पेश हुए।
दोनों राज्यों की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि इस मामले में अनुपालन की कार्रवाई प्रगति पर है। इस पर हाईकोर्ट ने अवमानना कार्यवाही को स्थगित कर दिया है।
चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ के ने सभी पक्षों द्वारा पेश जवाब को रिकॉर्ड पर लेते हुए कहा कि दोनो राज्य सरकार और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ जिलेवार अनुपालन संबंधी हलफनामे एक सप्ताह के भीतर दायर करे।
यह कार्यवाही सुप्रीम कोर्ट के 29 सितंबर 2009 और 31 जनवरी 2018 के फैसलों से जुड़ी है, जिसमें शीर्ष अदालत ने सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण कर बनाए गए अवैध धार्मिक ढांचों को हटाने और इस बाबत आदेशों की अवहेलना की स्थिति में संबंधित हाईकोर्ट को अवमानना कार्यवाही का अधिकार दिया था।
पिछली सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा था कि 10-15 वर्षों से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ द्वारा दायर रिपोर्ट बताती हैं कि अनुपालन अब तक अधूरी है। इसके बाद सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे कि क्यों न उनके विरुद्ध अवमानना कार्यवाही शुरू की जाए।
यूटी चंडीगढ़ की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को जानकारी दी कि पिछले चार महीनों में 87 अवैध धार्मिक ढांचों को हटाया गया है। वहीं पंजाब और हरियाणा के वकीलों ने कोर्ट को बताया कि अनुपालन प्रक्रिया जारी है और सभी जिलों से प्राप्त हलफनामे को समेकित रूप से दो-तीन दिनों में दाखिल कर दिया जाएगा।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।