पलवल: वेतन भुगतान के आश्वासन पर टली सफाई कर्मियों की हड़ताल, घरों से आंशिक ही उठ सका कूड़ा
पलवल में वेतन भुगतान के आश्वासन के बाद सफाई कर्मचारियों की हड़ताल टल गई। नगर पालिका अधिकारियों ने कर्मचारियों को जल्द वेतन देने का आश्वासन दिया, जिसके बाद हड़ताल वापस ले ली गई। हड़ताल के कारण शहर में जमा कूड़ा आंशिक रूप से उठाया गया।

सेक्टर-दो के अंडर पास के पास लगा कूड़े का ढेर। जागरण
जागरण संवाददाता, पलवल। शहरवासियों के लिए एक राहत की खबर है। शहर पर मंडरा रहा सफाई का संकट फिलहाल कुछ दिनों के लिए टल गया है। पांच दिनों में निजी कंपनी ने वेतन भुगतान का आश्वासन दिया है। आश्वासन के बाद दिन में डोर-टू-डोर की गाड़ियां तो निकली, लेकिन घरों से आंशिक तौर से ही कूड़ा उठा।31 वार्डों में से आधे में ही जैसे-तैसे कूड़ा कलेक्शन का काम हुआ। दोपहर तीन बजे तक 43 प्रतिशत ही काम होने की पुष्टि हुई।
बता दें कि बीते बृहस्पतिवार को दो महीने से वेतन न मिलने से परेशान डोर-टू-डोर से उठाने वाले सफाई कर्मियों ने हड़ताल शुरू कर दी थी। जिसके बाद शहर के 31 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने का कार्य ठप हो गया था। शनिवार को भारतीय एचआर सेल्यूशन कंपनी के अधिकारियों ने हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मियों को पांच दिसंबर तक वेतन का भुगतान करने आश्वासन दिया।
इस पर सफाई कर्मियों ने सहमति बनाकर पांच दिसंबर तक के लिए हड़ताल को टाल दिया। उन्होंने मौजूद कंपनी के अधिकारियों से कहा कि अगर पांच दिसंबर को वेतन का भुगतान नहीं हुआ तो वे फिर से हड़ताल पर चले जाएंगे।
हड़ताल के कारण तीन दिनों में घरों में गलियों व सड़कों सहित कई इलाकों में कचरे के ढेर लग गए। शिव कालोनी निवासी शीला देवी, सावित्री देवी, लच्छो देवी ने बताया कि दो दिन से कूड़ा उठाने वाली गाड़ी नहीं आई है। घर में कूड़े डस्टबिन भरे पड़े हैं। कई महिलाएं तो सुबह उठकर रेलवे रोड स्थित खते पर कूड़ा फेंक आई हैं।
सोहना रोड, कृष्णा कालोनी, देव नगर, शेखपुरा, आदर्श कालोनी, न्यू कालोनी सहित अन्य मोहल्लों में कूड़े कचरे के ढेर ज्यादा लग गए हैं। इससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
कम निकली कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां
कूड़ा उठाने वाली कंपनी के पास इस समय 38 गाड़ियां हैं। जिनमें आज दस टिपर कूड़ा उठाने के लिए नहीं निकले। मात्र 28 गाड़ियाें से 31 वार्डों में उठाने कि लिए लगाया गया। कई वार्डों में आज भी कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां नहीं पहुूंची। इसलिए कालाेनियों का कूड़ा सडक पर नजर आया।
एजेंसी को अभी नहीं मिला भुगतान
कंपनी के प्रतिनिधि सचिन ने बताया कि शहर में कूड़ा कचरा उठाने के लिए एजेंसी लगातार काम कर रही है। जब से एजेंसी को टेंडर मिला है। कंपनी को एक भी पैसा नगर परिषद की ओर से नहीं मिला है। अभी तक कंपनी ने जैसे तैसे कर कर्मियों का भुगतान किया है। मगर अब कंपनी की वित्तीय स्थिति भी सही नहीं चल रही।
ऐसे में एजेंसी नगर परिषद से बार-बार पैसे की मांग कर रही है। नगर परिषद पर एजेंसी का करीब आठ से दस करोड़ रुपए बकाया है। वहीं पैसे नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों को भी पैसे देना बड़ा मुश्किल भरा हो गया है। इस बारे में नगर परिषद के एक्सइएन मनोज कुमार ने बताया कि कंपनी का भुगतान तकनीकी कारणों से रूका हुआ था। कंपनी को राशी जारी कर दी गई है। एक दाे दिन में कंपनी को भुगतान कर दिया जाएगा।

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