पलवल में खनन माफियाओं की दबंगई, हाईवे पर 3 डंपर रेत उड़ेलकर फरार; धूल के गुबार और जाम से सांस लेना मुहाल
पलवल में खनन माफियाओं ने दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर रेत से भरे तीन डंपर खाली कर दिए और फरार हो गए, जिससे यातायात बाधित हुआ और वाहनों को नुकसान पहुंचा।
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सड़क पर रेत से भरे डंपर खाली कर भागे खनन माफिया। फोटो-दैनिक जागरण
HighLights
माफियाओं ने राजमार्ग पर रेत से भरे डंपर खाली किए।
भागते समय कई वाहनों को टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त किया।
प्रशासन की निष्क्रियता पर उठे सवाल, बड़े हादसे की आशंका।
अशोक कुमार यादव, पलवल। जिले में खनन माफियाओं के हौसले किस कदर बुलंद हो चुके हैं, इसकी बानगी शनिवार सुबह देखने को मिली। बेखौफ खनन माफिया माइनिंग अधिकारियों की नाक के नीचे राजमार्ग पर खुलेआम रेत से भरे तीन डंपर खाली कर फरार हो गए।
इस दौरान भागने की फिराक में चालकों ने रसूलपुर रोड पर गुजर रहे चार पांच वाहनों को भी टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया। यह पूरी घटना सुबह करीब छह से साढ़े छह बजे के बीच की है।
उड़ती धूल और भीषण जाम से त्रस्त हुए वाहन चालक
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, माफिया अधिकारियों के सामने दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर अलीगढ़ मोड़ से लेकर रसूलपुर चौक और सर्विस रोड तक बालू रेत राजमार्ग पर ही उड़ेलकर रसूलपुर गांव की ओर भाग निकले।
यमुना किनारे बसे गांवों में बड़ी तादाद में बालू रेत का अवैध खनन हो रहा है। बेखौफ डंपर व ट्रैक्टर-ट्रालियां अलीगढ़ आरओबी, रसूलपुर आरओबी से गुजरकर राजमार्ग से होते हुए सोहना, गुरुग्राम तथा पलवल शहर में आती हैं।
मरम्मत कार्य के कारण ट्रैफिक की समस्या
वहीं आजकल राजमार्ग पर बने एलिवेटेड पुल पर मरम्मत का कार्य चल रहा है, जिसके चलते पुल के नीचे दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है।
सड़क पर फैली बालू रेत और वाहनों की आवाजाही से उठने वाले धूल के गुबार ने चालकों का सांस लेना मुहाल कर दिया। रेंग-रेंगकर चल रहे वाहन चालकों के मुंह और आंखों में धूल के कण जा रहे थे, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस थाना के सामने से गुजरते हैं माफिया
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। हर दूसरे दिन तड़के तीन से चार बजे के बीच मीनार गेट चौक से तीन से चार डंपर धड़ल्ले से गुरुग्राम की ओर निकलते हैं, जो सीधे सिटी थाने के ठीक सामने से होकर गुजरते हैं। इसके बावजूद पुलिस और प्रशासन गहरी नींद में सोया हुआ है।
तीन दिन पहले भी हुआ था ऐसा ही खेल
माफियाओं की मनमानी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महज तीन दिन पहले भी किठवाड़ी आरओबी पर खनन विभाग के पीछा करने पर बालू माफिया दो ट्रैक्टर-ट्राली रेत सड़क पर खाली कर फरार हो गए थे। रात तीन बजे लगे इस ढेर से लंबा जाम लग गया था, जिसे बाद में अलीगढ़ पुल चौकी इंचार्ज ने मौके पर पहुंचकर हटवाया था।
हालांकि, सड़क पर बची कुची रेत शुक्रवार को हुई वर्षा के बाद दलदल में तब्दील हो गया है, जिसमें आए दिन दोपहिया वाहन चालक फिसलकर गिर रहे हैं। गनीमत यह रही कि अभी तक कोई बड़ा या गंभीर हादसा नहीं हुआ है, लेकिन क्या प्रशासनकिसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?
बर्षा के कारण बढ़ी मुसीबत
मिशन प्रकृति बचाओ पर्यावरण सचेतक सेवा ट्रस्ट के ग्रीन एंबेसडर आचार्य राम कुमार बघेल, देवेंद्र सिंह बघेल, राजकुमार और हरित कुमार ने बताया कि पुल पर बालू के कारण लोगों का गुजरना मुश्किल हो गया है। वर्षा में सड़क दलदल बन गई है और सूखी बालू धूल का गुबार उड़ा रही है।
इससे वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की अनदेखी से यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
माइनिंग विभाग की महज कागजी कार्रवाई?
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए माइनिंग अधिकारी सुरेंद्र सोलंकी ने बताया कि तीनों डंपरों के नंबर एचआर 38एकके 8523, एचआर73बी 3913 तथा एचआर 38एएच 8523 नोट कर लिए गए हैं और उनके आधार पर आरोपितों के खिलाफ इस बारे में इंफोर्समेंट ब्यूरो में इसकी शिकायत दी गई है। इस बारे में इंफोर्समेंट ब्यूरो के प्रभारी नवीन मौर ने बताया कि शाम तक मुकदमा दर्ज कर लिया जाएगा।
बड़ा सवाल यह है कि जब प्रशासनिक नाक के नीचे से रोजाना ये वाहन गुजरते हैं, तो पुलिस और माइनिंग विभाग पहले से सख्त कार्रवाई क्यों नहीं करता? क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही इन माफियाओं पर शिकंजा कसेगा?
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