दिल्ली में पुरानी गाड़ियों की स्क्रैपिंग के लिए नई व्यवस्था, स्क्रैप कराना होगा आसान; सरकार का बड़ा फैसला
दिल्ली सरकार ने पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग प्रक्रिया को गति देने के लिए परिवहन आयुक्त को पंजीकरण प्राधिकारी नियुक्त किया ...और पढ़ें

दिल्ली में स्क्रैपिंग को लेकर सरकार का महत्वपूर्ण निर्णय। फोटो: आर्काइव
HighLights
परिवहन आयुक्त बने वाहन स्क्रैपिंग सुविधा के पंजीकरण प्राधिकारी।
दिल्ली में पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग प्रक्रिया को मिलेगी गति।
प्रदूषण नियंत्रण और नए स्क्रैपिंग केंद्रों की स्थापना को बढ़ावा।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच पुराने वाहनों पर सख्ती के साथ अब उन्हें स्क्रैप कराने की व्यवस्था को भी मजबूत करने की तैयारी है। इस दिशा में दिल्ली सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
परिवहन विभाग ने अधिसूचना जारी कर परिवहन आयुक्त को मोटर वाहन (वाहन स्क्रैपिंग सुविधा का पंजीकरण एवं कार्य) नियमावली, 2021 के तहत पंजीकरण प्राधिकारी नियुक्त किया है।
इससे दिल्ली में वाहन स्क्रैपिंग केंद्रों की स्थापना और उनके पंजीकरण से जुड़ी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का अधिकार परिवहन आयुक्त के पास होगा।
परिवहन आयुक्त बने पंजीकरण प्राधिकारी
29 अक्टूबर को जारी अधिसूचना के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में परिवहन आयुक्त इस नियमावली के तहत पंजीकरण प्राधिकारी होंगी। वहीं, वरिष्ठतम अपर मुख्य सचिव को अपीलीय प्राधिकारी बनाया गया है।
यदि वरिष्ठतम अपर मुख्य सचिव का पद परिवहन आयुक्त के पास ही है तो मुख्य सचिव अपीलीय प्राधिकारी होंगे। यह अधिसूचना दिल्ली के राजपत्र में प्रकाशित होने की तिथि से लागू होगी।
पुराने वाहनों पर पहले से लागू है सख्ती
सरकार का यह फैसला इसलिए भी अहम है क्योंकि दिल्ली में पुराने वाहनों को लेकर पहले से ही सख्ती लागू है। एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत 10 वर्ष से अधिक पुराने डीजल और 15 वर्ष से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों को दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर चलाने की अनुमति नहीं है।
ऐसे वाहनों के मालिकों के सामने उन्हें स्क्रैप कराने, निर्धारित शर्तों के तहत दूसरे राज्यों में ले जाने के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेने अथवा स्वीकृत तकनीक से इलेक्ट्रिक वाहन में बदलने का विकल्प है।
सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन भी दे रही है।
स्क्रैपिंग केंद्रों के पंजीकरण को मिलेगी गति
दिल्ली में वाहन स्क्रैपिंग की व्यवस्था नहीं होना भी बड़ी चुनौती है। ऐसे में परिवहन आयुक्त को पंजीकरण प्राधिकारी बनाने से नए अधिकृत स्क्रैपिंग केंद्रों के पंजीकरण और संचालन की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।