जागरण संवाददाता, पलवल : कुरुक्षेत्र से सांसद राजकुमार सैनी ने कहा है कि समानता का अधिकार तो सिर्फ किताबों में मिलता है। हकीकत में तो दबे-कुचले लोगों की कोई नहीं सुन रहा। अगर पिछड़ों की आवाज उठाई जाती है, तो जाति विशेष के लोगों को यह रास नहीं आता। पिछड़ों को समानता का अधिकार दिलाने के लिए ही वो संघर्ष कर रहे हैं।

सांसद सैनी 18 नवंबर को कुरुक्षेत्र में प्रस्तावित महात्मा ज्योतिबा फूले की जयंती पर आयोजित होने वाले समानता सम्मेलन के लिए लोगों को न्योता देने आए थे।

दैनिक जागरण से बातचीत में सैनी ने आरोप लगाया कि कानून हाथ में लेने वाले समुदाय विशेष के सामने झुकती नजर आ रही है, यह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। पिछले महीने की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मुझ पर अगर स्याही फेंकनी ही थी, तो दूर से भी फेंक कर विरोध जताया जा जा सकता है। स्याही फेंकने की आड़ में उनपर हमला किया गया और बाद में आरोपियों को जमानत भी मिल गई। सांसद सैनी ने कहा कि वो अपनी जान को खतरा तो महसूस कर ही रहे हैं।

सांसद ने आगे कहा कि प्रदेश में जिस समुदाय की जितनी आबादी है, उसको उसी हिसाब से आरक्षण दिया जाना चाहिए। इसी उद्देश्य से 18 नवंबर को महात्मा ज्योतिबा फूले की जयंती पर समानता सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है, जहां विभिन्न बिरादरीं के लोग बड़ी संख्या में पहुंच कर समानता के अधिकार की बाबत अपनी आवाज बुलंद करेंगे। सांसद ने इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा काला धन को बाहर निकालने व भ्रष्टाचार को खत्म करने के उद्देश्य से 500 व 1000 रुपये के नोट बंद करने के फैसले का स्वागत किया।

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