नूंह में बेटियों की सुनवाई कब? तीन तलाक पीड़िता की गुहार अनसुनी
नूंह में एक तीन तलाक पीड़िता न्याय के लिए भटक रही है, लेकिन उसकी गुहार अनसुनी कर दी गई है। पीड़िता का कहना है कि उसे तीन तलाक दिया गया और उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। वह पूछ रही है कि नूंह में बेटियों की सुनवाई कब होगी और क्या उसे कभी न्याय मिलेगा। उसकी यह स्थिति सिस्टम पर सवाल उठाती है।
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पीड़िता ने तीन तलाक का मामला दर्ज होने के तीन महीने बाद भी कार्रवाई न होने पर पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, नगीना। तीन तलाक का केस दर्ज होने के तीन महीने बाद भी केस दर्ज न होने पर पीड़िता ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। खेरली कलां गांव की हंसीरा ने पिनगवां थाने में लिखित शिकायत दी है, जिसमें आरोप लगाया है कि उसके ससुराल वालों ने ज्यादा दहेज की मांग करते हुए उसके साथ बार-बार मारपीट की, जान से मारने की कोशिश की और उसके मायके वालों से दो लाख रुपये और बुलेट मोटरसाइकिल भी मांगी।
पीड़िता ने अपनी अर्जी में पति, ससुर और ससुराल के अन्य लोगों समेत आधा दर्जन लोगों के नाम बताए हैं। शिकायत के मुताबिक, पीड़िता की शादी 19 जून 2019 को शहजाद, बेटे नसरू, गांव फोड़ाबास, थाना फिरोजपुर झिरका, जिला नूंह से हुई थी। शादी के समय उसके मायके वालों ने अपनी हैसियत के हिसाब से दहेज दिया था। लेकिन, उसके ससुराल वाले संतुष्ट नहीं हुए और ज्यादा दहेज की मांग करने लगे।
पीड़िता ने बताया कि शादी के कुछ समय बाद ही उसके पति और परिवार के अन्य लोग उस पर दो लाख रुपये और बुलेट मोटरसाइकिल लाने का दबाव बनाने लगे। जब उसकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो उसे परेशान किया जाने लगा। उसने बताया कि उसका पति रोज़ शराब पीकर उसे मारता-पीटता है। पीड़िता ने बताया कि कुछ महीने पहले उसके ससुराल वालों ने उसके साथ बुरी तरह मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।
हाल ही में, जब वह अपने माता-पिता के घर रह रही थी, तो उसने बताया कि लगातार हो रही परेशानी की वजह से उसकी जान को खतरा है, और अब वह इंसाफ के लिए पुलिस के पास गई है। उसने बताया कि तीन महीने पहले उसके पति ने उसे पीटा, घर से निकाल दिया और तीन तलाक दे दिया। इसलिए पीड़िता ने सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस के ऑफिस में भेजी गई थी। लेकिन, उसे कमियों के साथ वापस भेज दिया गया और वहीं वापस भेज दिया गया है। DALSA कोर्ट से ऑर्डर मिलने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
-अंजू, इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर, पिनगवां पुलिस स्टेशन

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