नूंह में जनगणना 2027 की जमीन तैयार, पटवारियों ने बनाए 100-150 घरों के ब्लॉक; मई से जुटाएंगे हर घर की जानकारी
नूंह जिला प्रशासन जनगणना 2027 के लिए पूरी तरह तैयार है। पटवारियों ने 100-150 घरों के ब्लॉक बनाए हैं। कर्मचारियों ...और पढ़ें

भारत की जनगणना 2027 के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है।

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जागरण संवाददाता, पिनगवां (नूंह)। भारत की भावी योजनाओं और विकास की दिशा तय करने वाली भारत की जनगणना 2027 के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है। नूंह जिले में इस राष्ट्रीय अभियान की जमीन तैयार कर ली गई है। जनगणना से जनकल्याण अभियान के साथ शुरू हो रहे इस महासर्वेक्षण में इस बार केवल आबादी की गिनती नहीं होगी, बल्कि हर घर की बुनियादी और सुख-सुविधाओं का डिजिटल डेटा भी तैयार किया जाएगा।
100 से 150 घरों का एक विशेष ब्लॉक
जनगणना को व्यवस्थित तरीके से संपन्न करने के लिए जिले के पटवारियों ने गांव-गांव जाकर सीमांकन का कार्य लगभग पूरा कर लिया है। हर गांव में औसतन 100 से 150 घरों की जनसंख्या को मिलाकर एक विशेष ब्लाॅक बनाया गया है। इन ब्लाॅकों के निर्माण का मुख्य उद्देश्य यह है कि गणना के दौरान कोई भी ढाणी, घर या व्यक्ति छूट न जाए। पटवारियों की इस रिपोर्ट के आधार पर ही कर्मचारियों को जनगणना करने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
कई तरह के डेटा एकत्र करेंगे कर्मी
ब्लाॅक निर्माण का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद अब अभियान का दूसरा महत्वपूर्ण चरण शुरू होने जा रहा है। जिले के नियुक्त कर्मचारियों को तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस कार्यशाला में उन्हें गणना के दौरान आने वाली कठिनाइयों के समाधान और मोबाइल ऐप/पोर्टल के माध्यम से डेटा फीड करने की ट्रेनिंग दी जाएगी। मिली जानकारी के अनुसार कच्चा/पक्का घर, बिजली पानी, शौचालय, आर्थिक, सामाजिक, दिव्यागता, शिक्षा और इंटरनेट जैसी करीब 34 से ज्यादा बुनियादी चीजों को इसमें शामिल किया गया है।
नागरिक स्वयं कर सकेंगे विवरण दर्ज
इस बार की जनगणना पिछले दशकों से काफी अलग और आधुनिक होगी। जिला कोर्डिनेटर नरेंद्र ने बताया कि इस सर्वे में आबादी के साथ-साथ बुनियादी ढांचे पर विशेष जोर दिया गया है। घर कच्चा है या पक्का, बिजली और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, घर में इंटरनेट जैसी व्यवस्था है या नहीं जनगणना में इन पर भी काम किया जाएगा। डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, सरकार ने आम जनता को स्वयं जनगणना का विकल्प भी दिया है। मुख्य गणना एक मई से लेकर 30 मई तक चलेगी, लेकिन आगामी 16 मई से लेकर 30 मई के बीच नागरिक स्वयं अपने परिवार का विवरण दर्ज कर सकेंगे।
'भारत में जनगणना हर 10 साल के अंतराल पर होती है'
नरेंद्र के अनुसार, इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि आंकड़ों में सटीकता भी बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की तीन दिन की ट्रैनिंग सोमवार से शुरू हो रही है। इसके बाद मुख्य गणना एक मई से 30 मई तक चलेगी। भारत में जनगणना हर 10 साल के अंतराल पर की जाती है। पिछली जनगणना वर्ष 2011 में हुई थी, जिसके आधार पर अगली गणना 2021 के लिए निर्धारित थी लेकिन कोरोना महामारी के कारण इसमें इसमें विलंब हो गया जिसको अब किया जा रहा है।
"पटवारियों द्वारा ब्लाक बनाने का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। सोमवार से जनगणना करने वाले कर्मचारियों को तीन दिन की ट्रैनिंग दी जाएगी। एक मई से 30 मई तक जनगणना होगी। 16 मई से 30 मई तक नागरिक स्वयं भी जनगणना कर सकता है। हम पूरी तरह तैयार हैं, बस नागरिकों से अपील है कि वे सही और सटीक जानकारी दें।"
-नरेंद्र, जिला समन्वयक, नूंह।
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