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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Haryana News: साइबर ठगों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 19000 फर्जी सिमों को किया ब्लॉक; 20 ठगों को भेजा जेल

By Jeet KumarEdited By: Jeet Kumar
Published: Wed, 25 Oct 2023 04:12 AM (IST)

मेवात क्षेत्र के गांव में रहकर ऑनलाइन ठगी करने वालों को पुलिस ने अप्रैल माह से ही शिकंजा कसने का ...और पढ़ें

नूंह पुलिस ने दो माह में 19000 फर्जी सिमों को ब्लॉक कराया, बीस साइबर ठगों को दबोच जेल भेजा
नूंह पुलिस ने दो माह में 19000 फर्जी सिमों को ब्लॉक कराया, बीस साइबर ठगों को दबोच जेल भेजा

सत्येंद्र सिंह, नूंह। मेवात को दूसरा जामताड़ा बना चुके साइबर ठगों पर शिकंजा कसने में लगी नूंह पुलिस ने दो माह में 19000 फर्जी सिमों को ब्लॉक कराया है। बीस साइबर ठगों को दबोच जेल भेज दिया है। 45 साइबर ठगों के नाम पुलिस के पास आ चुके हैं। उनकी खोजबीन की जा रही है। ठग अपना गांव छोड़ दूसरे राज्यों में रह रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के चार पुलिस टीम लगाई गई जो लगातार छापेमारी कर रही हैं।

मेवात क्षेत्र के गांव में रहकर ऑनलाइन ठगी करने वालों को पुलिस ने अप्रैल माह से ही शिकंजा कसने का काम शुरू कर किया था। 31 जुलाई को नूंह में हुई हिंसा के बाद पुलिस का काम धीमा पड़ गया थो। लेकिन बीस अगस्त के बाद से पुलिस टीमें फिर सक्रिय हुई। साइबर सेल की मदद लेकर साइबर ठगों का पता लगाने के लिए मोबाइल टावरों से डंप लिया और जांच की दूसरे राज्यों से जारी सिम से जुड़े मोबाइल नंबर कितने सक्रिय हैं।

तकनीक का सहारा लेकर गिरोह का पर्दाफाश किया

रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने पहले तो करीब 19 हजार सिम ब्लॉक कराए। इसके बाद सिम जिन मोबाइल पर चलाए जा रहे थे। उनका पता लगाया और ग्रामीणों से जानकारी जुटा साइबर ठगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। अब तक चार गिरोह के सरगना अपने गुर्गों के साथ पकड़े जा चुके हैं। नूंह के बिछौर थाना क्षेत्र के गांव जखोखर का रहने वाला आकिब गांव अपने गांव के ही सरफराज तथा तारिफ के साथ मिलकर साइबर ठगी करता था। आकिब ने विभिन्न राज्यों में रहने वाले करीब सौ लोगों से ठगी की थी। शिकायत किसी ने भी नहीं दी। पुलिस ने तकनीक का सहारा लेकर गिरोह का पर्दाफाश किया। इसी तरह के अन्य गिरोह भी संचालित किए जा रहे थे।

ट्रक चालकों से मंगाते हैं फर्जी सिम

पकड़े गए ठगों से पूछताछ में सामने आया कि पश्चिम बंगाल, केरल, असम, झारखंड, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश तथा अन्य कई राज्यों से जारी किए सिम को ठग अपने जान-पहचान वाले ट्रक चालकों से मंगाते थे। एक सिम का डेढ़ से दो हजार रुपया देते थे। उन्हीं सिमों को मोबाइल में डाल लोगों को ठगने के लिए काल करते थे। ठगी की रकम जिस बैंक खाते में डलवाते थे उसमें मोबाइल नंबर भी फर्जी सिम वाला ही दर्ज होता था।

ऑनलाइन पेमेंट एप में भी फर्जी सिम वाला नंबर ही डालते थे। ऐसा पुलिस की जांच से बचने के लिए करते थे। मगर बदमाशों की चालकी पर पुलिस की तकनीक भारी पड़ने लगी है। शिकायत मिले या नहीं पुलिस ने ठान लिया कि साइबर सेल की मदद से ठगों के जाल को तोड़ना है। पुलिस को सफलता भी मिल रही है।

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बदमाशों के चेहरे सामने आने लगे हैं

साइबर ठगों को पकड़ने के लिए पुलिस की टीम लगी हुई है। प्रयास किया जा रहा कि नूंह पर जो ठगों के कारनामें से धब्बा लगा है उसे पूरी तरह से साफ कर दिया जाए। ग्रामीण भी अब पुलिस को खुफिया जानकारी देने लगे जिससे बदमाशों के चेहरे सामने आने लगे हैं। -नरेंद्र बिजारणियां , पुलिस अधीक्षक नूंह