विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 02, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Monsoon 2025: मानसून की दिल्ली-NCR में कब हो रही एंट्री? IMD ने झमाझम बारिश को लेकर दिया ताजा अपडेट

Published: Mon, 02 Jun 2025 02:38 PM (IST)

Monsoon 2025 दिल्ली-एनसीआर के मौसम में जून के पहले दिन से ही बदलाव आया है। मानसून की गति तेज होने ...और पढ़ें

दिल्ली के आईटीओ चौक के पास तेज हवा व तेज वर्षा के बीच गुजरते वाहन चालक। फोटो-हरीश कुमार
दिल्ली के आईटीओ चौक के पास तेज हवा व तेज वर्षा के बीच गुजरते वाहन चालक। फोटो-हरीश कुमार

HighLights

  1. मानसून अपने समय से पहले पहुंचेगा मौसम में बदलाव होगा
  2. पांच जून तक रहें सतर्क, आंधी और बारिश की संभावना

जागरण संवाददाता, नारनौल। जून महीने के पहले दिन से इंद्र देवता एनसीआर पर मेहरबान होने लगे हैं। उम्मीद जताई जा रही है इस बार 106 प्रतिशत बारिश होगी। वहीं लगातार पूर्वी हवाओं ने नौतपा को नौठंडा बना दिया। रविवार को भी जिले में तेज गति से 15-20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं अंधड़ चलने और हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियों को दर्ज किया गया है।

मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्र मोहन ने बताया कि नारनौल जिले में मई महीने में लगातार मौसम में बदलाव और तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। मई के पहले पखवाड़े में पश्चिमी विक्षोभों की श्रृंखला ने लगातार तेज गति से हवाएं चलने, अंधड़ और बारिश की गतिविधियों को दर्ज किया गया है।

जून के पहले सप्ताह में हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में मौसम परिवर्तनशील रहने की संभावना है। 2-5 जून के दौरान तेज हवाएं, आंधी और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, कुछ स्थानों पर तूफानी हवाओं के साथ बारिश भी हो सकती है।

एनसीआर में कब पहुंचेगा मानसून?

जून महीने के अंतिम दिनों में मानसून के पहुंचने की संभावना है। हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में जून के अंतिम दिनों में मानसून के पहुंचने की संभावना है, जो अपने तय समय से 3-4 दिन पहले हो सकता है।

मानसून की गति तेज होने के कारण यह उम्मीद की जा रही है, लेकिन जल्द ही इसमें 10 दिनों का ब्रेक लग सकता है। हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में मानसून सामान्य के आसपास रहने की संभावना है। देश में इस बार मानसून सीजन में सामान्य से ज्यादा बारिश होने का अनुमान है, जो 106% रह सकती है।

मानसून की गति को प्रभावित करने वाले कारक

  • अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बने डीप डिप्रेशन से बढ़ी हुई नमी।
  • समुद्र का तापमान सामान्य से ज्यादा रहना, जिससे मानसूनी हवाएं तेजी से सक्रिय हुईं।
  • पश्चिमी हवाओं और चक्रवातों की हलचल।
  • जलवायु परिवर्तन भी मौसम के पैटर्न में बदलाव की एक बड़ी वजह बन रहा है।

जून के पहले सप्ताह के लिए पूर्वानुमान

  • तापमान सामान्य के आसपास रहेगा
  • बारिश सामान्य के आसपास होगी
  • दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मौसम में बदलाव आएगा

जून के दूसरे सप्ताह के लिए पूर्वानुमान

  • तापमान में बढ़ोतरी होगी
  • उमसभरी गर्मी बढ़ेगी
  • पश्चिमी और दक्षिणी पश्चिमी हवाएं चलेंगी
  • बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवातीय तूफान या डीप डिप्रेशन बनने की संभावना है
  • इससे तापमान में गिरावट हो सकती है, लेकिन उमसभरी गर्मी बनी रहेगी

उल्लेखनीय है कि रविवार को जिला में सतनाली महेंद्रगढ़, कनीना, अटेली में हल्की से मध्यम बारिश जबकि नारनौल और नांगल चौधरी में बिखराव वाली छिटपुट बूंदा-बांदी की गतिविधियों को दर्ज किया गया है।

उधर, कनीना में बारिश से पूर्व आए तेज अंधड़ से पेड़ों की जगह-जगह टहनियां टूट कर गिर गई ,सूखे एवं हरे पेड़ भी धराशाही हो गए। बिजली के खंभे इधर-उधर गिर गए जिससे बिजली आपूर्ति ठप हो गई किंतु अभी तक किसी जान माल की हानि की कोई सूचना नहीं मिली है। बता दें कि नौतपा में दूसरी बार बारिश हुई है।