महेंद्रगढ़: जलभराव की समस्या खत्म करने के लिए ₹5 लाख का बजट मंजूर, बनाए जाएंगे 5 हाई-टेक रिचार्ज बोरवेल
महेंद्रगढ़ नगर पालिका ने 5 लाख रुपये के बजट से जलभराव की समस्या से निपटने के लिए पांच हाई-टेक रिचार्ज बोरवेल बनाने की योजना शुरू की है।

महेंद्रगढ़ नगर पालिका की नई पहल।
HighLights
महेंद्रगढ़ में जलभराव रोकने को 5 हाई-टेक रिचार्ज बोरवेल
5 लाख रुपये के बजट से भूजल स्तर में सुधार
तीन बोरवेल पूरे, शेष दो का सर्वे जारी
मोहनलाल अग्रवाल, महेंद्रगढ़। महेंद्रगढ़ शहर को हर साल मानसून के दौरान होने वाले भारी जलभराव और संकरी सीवरेज लाइनों की समस्या से निजात दिलाने के लिए नगर पालिका ने एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना पर काम शुरू कर दिया है।
शहर के उन प्रमुख हिस्सों को चिह्नित किया गया है जहां मामूली वर्षा में भी सड़कें तालाब बन जाती हैं। इस समस्या के स्थायी समाधान और रेन वाटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा देने के लिए नगर पालिका प्रशासन द्वारा शहर में कुल पांच हाई-टेक रिचार्ज बोरवेल का निर्माण कराया जा रहा है।
इस पूरी विकास परियोजना पर करीब 5 लाख रुपये का कुल बजट खर्च किया जा रहा है, जिससे न केवल जल निकासी सुगम होगी बल्कि पर्यावरण को भी बड़ा फायदा पहुंचेगा।
तीन प्रमुख इलाकों में काम पूरा, शेष दो के लिए सर्वे जारी
नगर पालिका से प्राप्त जानकारी के अनुसार, तय किए गए पांच बोरवेलों में से तीन बोरवेल का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। ये बोरवेल शहर के सबसे प्रभावित क्षेत्रों- मोहल्ला सैनीपुरा के सामुदायिक भवन, हुड्डा पार्क और मोहल्ला वाल्मीकि में स्थापित किए जा चुके हैं।
प्रशासन के मुताबिक, बाकी बचे दो रिचार्ज बोरवेलों के निर्माण के लिए उन जगहों को शार्टलिस्ट किया जा रहा है जहां जलभराव सबसे गंभीर रूप लेता है और जिससे आम जनता की आवाजाही पूरी तरह ठप हो जाती है। इस सूची में मुख्य रूप से बालाजी चौक, कॉलेज रोड, सिनेमा रोड और एसडीएम आवास के आसपास के निचले इलाकों को शामिल किया गया है, जहां जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
संकरी सीवरेज लाइनों का निकाला तोड़
शहर के बुनियादी ढांचे की बात करें तो महेंद्रगढ़ की मौजूदा सीवरेज लाइनें बेहद संकरी और पुरानी हैं। भारी बारिश के दौरान ये लाइनें पूरी तरह ओवरफ्लो हो जाती हैं और सफाई कर्मचारी लगातार मशक्कत करने के बावजूद जनता को जलभराव से तुरंत राहत नहीं दिला पाते।
दिलचस्प बात यह है कि नगर पालिका के पिछले कार्यकाल के दौरान भी लाखों का बजट खर्च कर एक बड़ी जल निकासी पाइपलाइन दबाई गई थी। हालांकि, प्रशासनिक लापरवाही और तालमेल की कमी के चलते उस पाइपलाइन को कभी भी मुख्य सीवरेज नेटवर्क या मुख्य सड़क की ड्रेन से जोड़ा ही नहीं गया।
नतीजा यह हुआ कि वह पूरी पाइपलाइन आज भी मिट्टी के नीचे दबी हुई है और जनता के टैक्स का भारी-भरकम बजट पूरी तरह बर्बाद चला गया। इस बार प्रशासन ने उस नाकामी से सबक लेते हुए सीधे ग्राउंड वॉटर रिचार्जिंग तकनीक को प्राथमिकता दी है।
जल निकासी के साथ बढ़ेगा वॉटर टेबल
महेंद्रगढ़ और आसपास के इलाकों में पिछले कई वर्षों से भूजल स्तर (वाटर टेबल) लगातार चिंताजनक रूप से नीचे खिसक रहा है, और इस क्षेत्र में औसत वर्षा भी काफी कम दर्ज की जाती है। ऐसे में ये नए रिचार्ज बोरवेल एक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
बारिश का जो पानी पहले सड़कों पर जमा होकर गंदगी और बीमारियों का कारण बनता था, वह अब इन बोरवेलों के जरिए सीधे फिल्टर होकर जमीन के गहरे स्तर तक पहुंचेगा। इससे एक तरफ जहां सड़कों पर जलभराव खत्म होगा और राहगीरों व वाहन चालकों को सुरक्षित आवागमन मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ बड़े पैमाने पर प्राकृतिक जल का संचयन होने से शहर के जल स्तर को सुधारने में एक क्रांतिकारी मदद मिलेगी।
वर्जन
'हमारा मुख्य उद्देश्य आगामी सीजन से पहले शहरवासियों को इस पुरानी समस्या से परमानेंट राहत देना है। करीब 5 लाख रूप्ये लागत से बन रहे इन बोरवेलों से शहर की सड़कों पर पानी जमा नहीं होगा। इससे आम जनता का आना-जाना तो आसान होगा ही, साथ ही हम अमूल्य बरसाती पानी का सीधे जमीन के नीचे संचयन कर पाएंगे, जिससे आने वाले समय में क्षेत्र का वाटर टेबल भी सुधरेगा। योजना को पूरी तरह धरातल पर उतार दिया गया है।'
- रमेश सैनी, प्रधान, नगर पालिका महेंद्रगढ़
