सुरेंद्र यादव, महेंद्रगढ़

शिक्षा के क्षेत्र में हरियाणा नित नए आयाम स्थापित करता जा रहा है। जहां प्रदेश का जिला महेंद्रगढ़ स्कूली शिक्षा में देश के शीर्ष दस जिलों में शामिल है, वहीं उच्च शिक्षण संस्थानों में भी हरियाणा छोटे राज्यों में अव्वल है। प्रदेश में 29 विश्वविद्यालयों के साथ ही एनआइटी जैसे कई तकनीकी व प्रबंधकीय संस्थानों में विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। प्रदेश में इस समय 299 महाविद्यालय हैं। इसके अलावा कई महाविद्यालयों के भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। नए सत्र से इस संख्या में और इजाफा होना निश्चित है।

मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत प्रत्येक 20 किलोमीटर की दूरी पर महाविद्यालय खोलने की नीति बनाई है, जो अन्य किसी प्रदेश में नहीं है। महिलाओं को शिक्षा हासिल करने के लिए अधिक दूरी तय नहीं करनी पड़े, इसके लिए राज्य सरकार ने कई नए कॉलेज बनाने की घोषणा की है। महेंद्रगढ़ जिले में ही दो नए कालेज भवनों का निजामपुर और कनीना में निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है, वहीं सिहमा में भी कॉलेज बनाने को सिद्धांतत: सहमति मिल चुकी है।

फिलहाल प्रदेश में 299 महाविद्यालयों में लाखों विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। प्रदेश में 115 सरकारी महाविद्यालयों के अलावा सरकार से अनुदान प्राप्त 88 महाविद्यालय हैं। इनके अलावा स्व वित्तपोशी (सेल्फ फाइनांस) महाविद्यालयों की संख्या 96 है। इनमें अपेक्षाकृत महंगी फीस के चलते आम विद्यार्थियों का पढ़ना काफी मुश्किल है।

जिला के हिसाब से देखें तो सर्वाधिक महाविद्यालय जिला महेंद्रगढ़ में हैं। प्रदेश के कुल महाविद्यालयों का दसवां हिस्सा (30 कॉलेज) अकेले इस जिला में है। दूसरे नंबर पर रोहतक है, जहां 20 महाविद्यालय हैं। 19 महाविद्यालयों के साथ हिसार तीसरे स्थान पर है। पंचकुला जिला में सबसे कम पांच ही महाविद्यालय हैं। इसके अलावा नूंह और चरखी दादरी में छह-छह तथा फरीदाबाद में मात्र सात ही कॉलेज हैं।

बेशक प्रदेश में सर्वाधिक राजकीय महाविद्यालय हैं, लेकिन कई जिले ऐसे हैं, जिनमें सरकारी कॉलेज नाममात्र के हैं। उच्च शिक्षा में अपना विशेष स्थान रखने वाले कुरूक्षेत्र और यमुनानगर जिलों में मात्र एक-एक सरकारी कॉलेज है। इसके विपरीत महेंद्रगढ़ जिले में 12 सरकारी कॉलेज चल रहे हैं जबकि तीन जल्द शुरू होने वाले हैं। महेंद्रगढ़ के बाद झज्जर 11 सरकारी कॉलेजों के साथ दूसरे स्थान पर है।

बॉक्स :

उच्चतर शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर दादरी जिला नहीं

प्रदेश के उच्चतर शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर चरखी दादरी जिले का नाम तक नहीं है। वर्ष 2016 में जिला बनने के बाद से अब तक विभाग की वेबसाइट पर इसे अपडेट नहीं किया गया है। वेबसाइट में चरखी दादरी को अभी भी भिवानी जिले में ही दर्शाया जा रहा है।

Posted By: Jagran