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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 28, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हरियाणा आ रही हैं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, ब्रह्मसरोवर के पावन तट पर करेंगी पूजा, पढ़ें पूरा शेड्यूल

By Jagran NewsEdited By: Anurag Shukla
Published: Mon, 28 Nov 2022 05:01 PM (IST)

International Geeta Mahotsav 2022 राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मु हरियाणा आ रही हैं। 29 नवंबर को कुरुक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर के पावन तट ...और पढ़ें

राष्‍ट्रपति द्रोपदी मुर्मु कुरुक्षेत्र में 29 नवंबर को आ रही हैं।
राष्‍ट्रपति द्रोपदी मुर्मु कुरुक्षेत्र में 29 नवंबर को आ रही हैं।

कुरुक्षेत्र, जागरण संवाददाता। कुरुक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर अपनी धार्मिक महत्ता के चलते पूरे विश्व में प्रचलित है, इसके चलते यहां लाखों श्रद्धालु हर साल पूजा करने के लिए आते हैं। मगर धार्मिक महत्ता रखने के साथ-साथ ब्रह्मसरोवर तीर्थ एक नया इतिहास रचने जा रहा है। तीन राष्ट्रपति पहले ब्रह्मसरोवर पर पूजा कर चुके हैं।

अब द्रौपदी मुर्मु चौथी राष्ट्रपति होंगी जो ब्रह्मसरोवर तट पर पूजा करने के लिए पहुंचेंगी। वह ब्रह्मसरोवर पर 17 मिनट रुकेंगी। इसमें वह गीता यज्ञ में पूर्णाहुति डालने के साथ-साथ गीता पूजन भी करेंगी। इसी दौरान वह ब्रह्मसरोवर तीर्थ की पूजा करेंगी। उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना के लिए कात्यायनी मंदिर के पीठाध्यक्ष पंडित बलराम गौतम स्वस्तिवाचन करेंगे। फिर वह हरियाणा पैवेलियन का शुभारंभ करेगी। इसके बाद विश्वविद्यालय में सेमिनार में भाग लेंगी।

कब-कब आ चुके पहले राष्ट्रपति

ब्रह्मसरोवर तीर्थ पर इससे पहले तत्कालीन राष्ट्रपति आर वेंकटरमन 1992 में पूजा कर चुके हैं। इसके बाद 2012 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने ब्रह्मसरोवर पर 206 फुट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज को फहराया था। यह विश्व का सबसे बड़ा तिरंगा है। इसकी लंबाई 1800 और चौड़ाई 1600 फुट है। अधिकतम गहराई 45 फुट (14 मीटर) है। इसके बाद नवंबर 2017 में गीता महोत्सव में तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ब्रह्मसरोवर पहुंचे थे। उन्होंने यहां गीता यज्ञ में आहुति डालने के साथ ही पूजन भी किया था। अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ब्रह्मसरोवर तीर्थ की पूजा करेंगी।

एक दिसंबर को वडाली बंधु भी आएंगे

अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के मुख्य पंडाल के मंच पर दिग्गज कलाकार अपनी कला से महोत्सव में रंग भरेंगे। एक दिसंबर को मुख्य मंच पर प्रसिद्ध गायक वडाली बंधुओं की सुरीली आवाज ब्रह्मसरोवर की फिजा में सूफियाना भक्ति का रस भरने का काम करेगी। जबकि कुमार विशु, गजेंद्र फौगाट, साध्वी पूर्णिमा, महावीर गुड्डू जैसे प्रसिद्ध कलाकार अपने-अपने कार्यक्रमों की प्रस्तुति देंगे। महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम 29 नवंबर से चार दिसंबर तक चलेंगे। हालांकि महोत्सव में सरस और शिल्प मेला छह दिसंबर तक जारी रहेगा।