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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 04, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड को मिल सकती है सरस्वती तीर्थ की जिम्मेदारी

By JagranEdited By:
Published: Mon, 04 Feb 2019 12:17 AM (IST)

विनोद चौधरी, कुरुक्षेत्र : देश भर में प्रसिद्ध पिहोवा के सरस्वती तीर्थ की देखभाल का जिम्मा जल्द कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड को मिल सकता है।

कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड को मिल सकती है सरस्वती तीर्थ की जिम्मेदारी
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड को मिल सकती है सरस्वती तीर्थ की जिम्मेदारी

विनोद चौधरी, कुरुक्षेत्र :

देश भर में प्रसिद्ध पिहोवा के सरस्वती तीर्थ की देखभाल का जिम्मा जल्द कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड को मिल सकता है। इसके लिए प्राथमिक स्तर पर सहमती बन गई है। केडीबी की आगामी बैठक में इस फैसले को अंतिम रूप दिया जाएगा। महाभारत काल के कुरुक्षेत्र की 48 कोस भूमि में आने वाले तीर्थों की देखभाल के लिए ही 50 साल पहले कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड का गठन किया गया था। तभी से केडीबी सभी तीर्थों की देखभाल की जिम्मेदारी संभाल रही है। पिहोवा के सरस्वती तीर्थ की देखभाल का जिम्मा भी लगभग दो साल पहले केडीबी के पास ही था। इस दौरान केडीबी की ओर से ही तीर्थ के रखरखाव के लिए समय-समय पर काम करवाया जाता था। इसके अलावा आठ सफाई कर्मी भी तीर्थ की सफाई के लिए लगे रहते थे। लेकिन दो साल पहले कुछ तकनीकी कारणों के चलते तीर्थ के रखरखाव का जिम्मा पिहोवा नगर परिषद को सौंप दिया गया था।

पिहोवा सरस्वती तीर्थ प्राचीन काल में कुरुक्षेत्र की धरती पर बहती सरस्वती नदी के तट पर बना हुआ है। इस तीर्थ पर अपने पीत्तरों की शांति के निमित पूजा-पाठ व ¨पड दान करने ने उनकी आत्मा को शांति मिलती है। पिहोवा के तीर्थ को बिहार के गया के बराबर का दर्जा मिला हुआ है। इसके महत्व को देखते हुए देश भर से हर साल इस तीर्थ पर लाखों लोग पूजा अर्चना करने के लिए आते हैं। धार्मिक मान्यता है कि महाभारत, वामन पुराण, स्कंद पुराण, मार्कडेय पुराण सहित अन्य पुराणों में इस तीर्थ का महत्व बताया गया है।

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तीर्थ के महत्व को देखते हुए तैयार की जा रही हैं कई तरह की योजनाएं पिहोवा तीर्थ के महत्व को देखते हुए इसके विकास को लेकर सरकार की ओर से कई तरह की योजनाएं तैयार की जा रही हैं। सरकार की योजना के अनुसार तीर्थ में हर समय स्वच्छ जल पहुंचाए जाने की योजना पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा नियमित साफ-सफाई और रख रखाव के लिए भी कर्मचारियों की ड्यूटियां लगाई जानी हैं। पिहोवा में सरस्वती तीर्थ ही हालत को सुधारने के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये की परियोजनाएं चलाए जाने पर विचार किया जा रहा है।

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जो जिम्मेदारी मिलेगी उसे ईमानदारी से पूरा करेंगे कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा ने बताया कि उन्हें जो भी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, बोर्ड उसे ईमानदारी से निभाएगा। लगभग दो साल पहले तक केडीबी की ओर से ही पिहोवा तीर्थ पर आठ सफाई कर्मी नियुक्त किए जाते थे। इसके अलावा अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जाती थी। उसके बाद इसकी देखभाल की जिम्मेदारी पिहोवा नगर परिषद के पास चली गई थी, अगर अब सरकार की ओर से केडीबी को जिम्मेदारी सौंपी जाती है तो उन्हें बेहतर तरीके से निभाया जाएगा।