Haryana News: HSGMC की ओर से जींद में बनाई जाएगी अन्तरराष्ट्रीय स्तर की यूनिवर्सिटी, 700 एकड़ जमीन पर होगा निर्माण
हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (एचएसजीएमसी) जींद में 700 एकड़ जमीन पर अंतरराष्ट्रीय स्तर की यूनिवर्सिटी बनाने की योजना बना रही है। एचएसजीएमसी के नवनियुक्त प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने कहा कि इस यूनिवर्सिटी के निर्माण के लिए लगभग 1000 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी। उन्होंने यह भी कहा कि मीरी पीरी मेडिकल कॉलेज एवं रिसर्च संस्थान की सेवा संभालने पर भी विचार किया जा रहा है।

जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र। हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (एचएसजीएमसी) के नवनियुक्त प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने कहा कि कार्यभार संभालते ही नई कमेटी ने अपना काम शुरू कर दिया है। वह 20 साल से लोगों बीच में बैठकर जिन योजनाओं को लागू करने की बात करते आए हैं, अब उन सभी पर काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एचएसजीएमसी के पास 700 एकड़ जमीन है, जींद में इसी जमीन पर अन्तरराष्ट्रीय स्तर की यूनिवर्सिटी बनाए जाने की योजना पर काम किया जा रहा है।
इसके लिए एक हजार करोड़ रुपये की जरूरत पड़ेगी, जिसके लिए वह संगत के बीच जा रहे हैं। ये बातें उन्होंने शनिवार को एचएसजीएमसी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही। उन्होंने कहा कि अभी मीरी पीरी मेडिकल कालेज एवं रिसर्च संस्थान की सेवा संभालने पर भी विचार किया जा रहा है।
इसके लिए भी 100 करोड़ रुपये के बजट की जरूरत है। जल्द ही यहां पर भी एक गुरुद्वारा बनाया जाएगा, इसके लिए जगह देखने के लिए शाहाबाद जा रहे हैं। बजट के बारे में पूछे सवाल पर उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी के लिए सबसे पहले संस्था की ओर से बजट खर्च किया जाएगा, जरूरत पड़ने पर संगत से सहयोग लिया जाएगा। इसके लिए कई विशेषज्ञों से बातचीत चल रही है।
संगत की ओर से यूनिवर्सिटी का नाम सुझाया जा रहा है, जल्द इसका नामकरण कर दिया जाएगा। इससे पहले विश्व की सभी बड़ी यूनिवर्सिटी का भ्रमण कर बारीकियों को जांचा जाएगा। उन्होंने कहा कि सिख धर्म के प्रचार के लिए पांच साल की उम्र में ही बच्चों को सिखी व धर्म से जोड़ने के लिए प्रयास शुरू किए जाएंगे।
12वीं कक्षा में अव्वल रहने वाले अर्पणदीप सिंह की उच्च शिक्षा का सारा खर्च एचएसजीएमसी की ओर से वहन किया जाएगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सिकलीघर जाति के बच्चों के भविष्य को लेकर उन्होंने कहा कि इन्होंने सिख गुरुओं के लिए हथियार बनाए थे। सिकलीघर जाति के बच्चों के लिए भी स्कूल और शस्त्र की फैक्ट्री लगाने पर विचार किया जाएगा। इन लोगों को शस्त्र विद्या का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस अवसर पर कुलदीप सिंह मुल्तानी, इंद्रजीत सिंह मौजूद रहे।
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