भगवान एक बार जीवन देता, डॉक्टर बार-बार बचाता
जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : डॉक्टर को धरती पर भगवान का दूसरा रूप माना जाता है। भगवान न
जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र :
डॉक्टर को धरती पर भगवान का दूसरा रूप माना जाता है। भगवान ने तो हमें एक बार जीवन दिया है, लेकिन वह डॉक्टर ही है जो भगवान के दिए इस जीवन पर संकट आने की स्थिति में हमारे जीवन की रक्षा करता है। दुनिया में ऐसे कई उदाहरण हैं जहां डॉक्टरों ने भगवान से भी बढ़कर काम किया है और कठिन ऑपरेशन के बाद मरणासन्न स्थिति में पहुंच चुके लोगों की जान बचाई है। बच्चे को जन्म देना हो या किसी वृद्ध को बचाना हो डॉक्टरों की मदद हमेशा मुश्किल से बचाती है। यही एक पेशा है जो सबसे पवित्र माना जाता है। कठिन परिश्रम और कई वर्षों की अथक पढ़ाई के बाद डॉक्टर बनता है। पढ़ाई महंगी तो है ही साथ ही इसके लिए जरूरी है जज्बे की। हालांकि अब इस पेशे का अब व्यावसायीकरण हो गया है, लेकिन आज भी जब युवा इस क्षेत्र में उतरते हैं तो उनके मन में लोगों की सेवा करना ही मुख्य लक्ष्य होता है। मगर अब डॉक्टरी करने के बाद प्रेक्टिस करना भी एक डॉक्टर के लिए आसान बात नहीं रही। कई विपरीत परिस्थितियों में डॉक्टरों को भी अग्निपरीक्षा देनी पड़ती है। मगर अभी भी उनका एक ही ध्येय है कि वे लोगों की जान बचा सकें।
------------
फोटो संख्या : 12
लोगों की सेहत की रक्षा करना लक्ष्य
डॉक्टरी एक ऐसा पेशा है जिस पर लोगों का बहुत विश्वास होता है। उसी विश्वास को ¨जदा रखने के लिए चिकित्सक मरीज की जान बचाने का हर रोज अथक प्रयास करता है। डॉक्टरी पेशा बहुत मुश्किलों से भरा भी है। कठिन परीक्षाओं के बाद एक चिकित्सक लोगों का इलाज कर पाने के लिए तैयार होता है। मगर डॉक्टर बनने के पीछे ज्यादातर का एक ही लक्ष्य होता है कि वह लोगों की सेहत की रक्षा कर सके।
डॉ. पवन गोयल, अध्यक्ष, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन
-----------
फोटो संख्या : 13
इतनी इच्छा है कि एक काबिल डॉक्टर बन सकूं
मेरा पहला लक्ष्य है कि मैं एक अच्छा डॉक्टर बनकर अपने माता-पिता का नाम रोशन करुं। एक ओर संकल्प मेरे जहन में हमेशा रहता है कि मैं इतना काबिल डॉक्टर बन सकूं कि मुश्किल में आने वाले लोगों की जान बचा सकूं। यह बड़ा पवित्र पेशा है इसकी पवित्रता को कायम रखने के लिए मैं एक काबिल चिकित्सक बनना चाहता हूं।
अर्चित, विद्यार्थी, एमबीबीएस
---------
फोटो संख्या : 14
एक मिशन लोगों की सेहत ठीक करना
एक मिशन लेकर चल रहा हूं कि लोगों की सेहत और मानसिक सेहत को सुदृढ़ बना सकूं। प्रभु ने इस जीवन में जो कार्यभार सौंपा है उसे और अच्छे ढंग से करने का प्रयास रहता है। युवा पीढ़ी से भी यही संकल्प लेकर आगे बढ़ने की उम्मीद है कि वे इस क्षेत्र में केवल पैसा कमाने की इच्छा से नहीं बल्कि लोगों की सेहत अच्छी बनाने और लोगों के जीवन की रक्षा के लिए आएं।
डॉ. नरेंद्र परुथी, मनोरोग विशेषज्ञ, एलएनजेपी अस्पताल।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।