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    हरियाणा में किसानों ने इस सड़क पर दीवार बनाकर किया कब्जा, मौके पर पहुंची पुलिस; कई लोग हिरासत में

    Updated: Tue, 10 Jun 2025 10:13 PM (IST)

    पिहोवा-कुरुक्षेत्र मार्ग पर किसानो ने दीवार बनाकर सड़क पर कब्ज़ा कर लिया। किसानो का कहना है कि यह सड़क उनकी जमीन पर बनी है और वे कोर्ट से केस जीत चुके हैं लेकिन उन्हें मुआवजा नहीं मिला। सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया। जिसके बाद हाईवे से ईंटें हटाकर यातायात बहाल किया गया।

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    स्टेट हाइवे पिहोवा कुरुक्षेत्र मार्ग पर दीवार बनाकर कब्जा करते किसान

    संवाद सहयोगी, पिहोवा। पिहोवा-कुरुक्षेत्र मार्ग पर किसानों ने दीवार बनाकर कब्जा कर लिया। किसानों ने स्टेट हाइवे नंबर छह पर यह कहते हुए दीवार बना डाली कि यह सड़क हमारी जमीन पर बनी हुई है और हम इस जमीन का कोर्ट से केस जीत चुके हैं। सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने समझाने की कोशिश की, लेकिन कब्जा करने वाले नहीं माने। इसके बाद पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद हाइवे पर रखी ईंटें उठाई गईं और यातायात व्यवस्था दुरुस्त करवाई।

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    किसान बलविंदर सिंह ने दी मामले की जानकारी

    किसान बलविंदर ने कहा कि पीडब्ल्यूडी ने सन 1987 में उसकी जमीन पर सड़क बना दी थी। इस मामले में वे तीन बार कोर्ट से केस जीत चुके हैं। अभी तक उन्हें इसका मुआवजा नहीं मिला है। इसलिए परेशान होकर कब्जा करने का फैसला लेना पड़ा।

    अमृतसरी फार्म के रहने वाले किसान बलविंदर सिंह ने बताया कि मेरी 22 मरले जमीन पर पीडब्ल्यूडी ने बिना मुआवजा दिए सड़क बना दी। 2006 में सिविल कोर्ट में केस दायर किया। 2013 में पिहोवा कोर्ट ने आदेश दिया कि छह महीने में या तो किसान को मुआवजा दें या फिर सड़क को हटा लें।

    बलविंदर ने बताया कि सरकार द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने पर कोर्ट में एक्जीक्यूशन फाइल की। सरकार की आपत्तियां खारिज होने के बाद 2018 में कोर्ट ने कब्जा दिलवाया। इसके बाद सरकार हाईकोर्ट चली गई, जहां भी उनकी याचिका खारिज हो गई। किसान ने कहा कि 2023 में मैंने सड़क पर कब्जा लेने की कोशिश की। तब एसडीएम ने कहा कि 2-4 दिन में मुआवजे का पैसा दे देंगे।

    उनके आश्वासन पर सड़क से ईंटें हटाईं। फिर भी मुआवजा देने के बजाय वे कोर्ट में चले गए। वहां से भी पीडब्ल्यूडी को राहत नहीं मिली। बलविंदर सिंह ने बताया कि मंगलवार सुबह 11 बजे अपने साथियों के साथ डंपिंग जोन के पास सड़क पर ट्रैक्टर-ट्राली लगाकर दीवार खड़ी कर दी। देखते ही देखते दोनों तरफ लंबा जाम लग गया। नायब तहसीलदार ने समझाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कहा कि वह अब कब्जा नहीं छोड़ेंगे।

    सेशन कोर्ट से भी अपील खारिज हो चुकी: अधिवक्ता

    किसान बलविंदर के अधिवक्ता मिथुन अत्री ने कहा कि सरकार केस हार चुकी है। सरकार ने कोर्ट के आदेशों की लगातार अनदेखी की। बार-बार आश्वासन दिए गए, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अब सेशन कोर्ट से भी सरकार की अपील खारिज हो चुकी है।

    एक्सईएन ऋषि सचदेवा ने कहा- पहले पांच लाख 50 हजार का मुआवजा मिल चुका

    पीडब्ल्यूडी एक्सईएन ऋषि सचदेवा ने कहा कि जब सड़क बनाने के लिए जमीन का अधिग्रहण किया गया था तो किसान को मुआवजा नहीं मिला। इन्होंने कोर्ट में केस किया तो इन्हें 5 लाख 50 हजार का मुआवजा दे दिया गया। इन्होंने दोबारा कोर्ट में अपील की थी। कोर्ट ने विभाग को मुआवजा बढ़ाकर देने को कहा था। उन्होंने कहा कि विभाग ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी।

    2024 में फैसला आया कि निचली कोर्ट के फैसले के अनुसार मुआवजा दिया जाए। इसके खिलाफ विभाग ने सेशन कोर्ट में अपील की, लेकिन वो भी खारिज हो गई। फिर किसान ने आकर मुलाकात की। मैंने कहा था कि नियम के मुताबिक जो मुआवजा बनेगा, दिया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि मैंने इन्हें समझाया है कि पहले मुआवजा मिल चुका है। आपका मुआवजे को लेकर जो भी इश्यू है, उसे सुलझा दिया जाएगा। अगर इनका पैसा बनता है तो वो विभाग से दिलवाने की कोशिश की जाएगी। सरकार का एक एक्ट है, उसको स्टडी करना है। अगर इनका कोई वैध मुआवजा बनता है, तो हम आपसी सहमति से सरकार से दिलाने को तैयार हैं। स्टेट हाइवे को बंद नहीं किया जाना चाहिए।

    एसएचओ जोनपाल बोले- कुछ लोगों को लिया हिरासत में

    एसएचओ जोनपाल सिंह ने कहा कि ये मामला कोर्ट में चल रहा था। हमने किसान से रास्ता खोलने की रिक्वेस्ट की, लेकिन उन्होंने रास्ता नहीं खोला। इसके बाद 2 से 3 लोगों को हिरासत में ले लिया। साथ ही जो इनके साथ शामिल थे, उन्हें थाने में बुलाया गया है। पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।