स्वामी दयानंद ने सामाजिक कुरीतियों का किया विरोध : इंद्रदेव
संवाद सहयोगी, बाबैन : आर्य समाज के विद्वान इंद्रदेव शास्त्री ने कहा कि स्वामी दयानंद सरस्वती ने अप
संवाद सहयोगी, बाबैन :
आर्य समाज के विद्वान इंद्रदेव शास्त्री ने कहा कि स्वामी दयानंद सरस्वती ने अपने जीवन में समाज में फैली कुरीतियों, पाखंडों, आडंबरों का घोर खंडन और विरोध किया, जिसके कारण उन्हें अपने जीवन में अनेक कठिनाइयां भी झेलनी पड़ी परंतु उन्होंने अपना पथ नहीं छोड़ा। स्वामी दयानंद जी ने भारतीय समाज में फैली अशिक्षा, विदेशी गुलामी, विधवाओं पर होने वाले अत्यचारों, उच्च समाज द्वारा शोषित वर्ग का शोषण व सती प्रथा जैसी कुरीतियों को दूर करने पर विशेष बल दिया।
इंद्रदेव शास्त्री आर्य समाज सभा रामसरन माजरा द्वारा आयोजित दो दिवसीय वार्षिकोत्सव में संबोधित कर रहे थे। समारोह की शुरुआत हवन के साथ हुआ। इंद्रदेव शास्त्री यज्ञ के साथ वार्षिकोत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने आर्य समाज के प्रवर्तक स्वामी दयानंद सरस्वती के जीवन चरित्र का पूरा विवरण श्रोताओं के समक्ष रखने के अलावा वेदों पर आधारित ज्ञान लोगों को सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
आर्य समाज के विद्वान डॉ. जनेश्वर प्रसाद ने व्याख्यान दिया गया। भजनोपदेशक कल्याण ¨सह बेदी, मदन लाल आर्य, फिरोजी लाल व जवंत्री देवी ने भजनों से लोगों का मनोरंजन किया गया है। इस अवसर पर सभा के प्रधान दर्शन लाल, महामंत्री कली राम, नरेंद्र पाल, कैप्टन कृष्ण लाल, सोहन लाल सैनी, हरिकेश सैनी, निर्मला देवी, सावित्री देवी के अलावा गांव के अनेक गण्यमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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