जागरण संवाददाता, करनाल : नगर निगम में करीब 20 दिन पहले सामने आए पैसे के लेन-देन में निगम में ही अधीक्षण अभियंता रहे दीपक किगर के जांच अधिकारी एवं अतिरिक्त उपायुक्त योगेश कुमार के समक्ष जल्द ही बयान दर्ज करवा सकते हैं। बयान दर्ज होने के बाद जांच रिपोर्ट जिला उपायुक्त को अगले हप्ते सौंपे जाने की संभावना है।

बता दें कि पिछले हप्ते एसई को अपने बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था और वे बयान दर्ज कराने भी पहुंचे थे। उनके साथ दो अन्य लोग भी बयान दर्ज कराने के लिए पहुंचे थे, लेकिन प्रशासनिक व्यस्तता के चलते एडीसी बयान दर्ज नहीं कर सके थे। उन्हें दो दिन बाद बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था, लेकिन अभी तक एडीसी द्वारा इस मामले को लेकर वायरल हुई वीडियो ही जांची जा रही है। वहीं अतिरिक्त उपायुक्त सोमवार व मंगलवार को उनके बयान दर्ज करने के बाद जांच रिपोर्ट फाइनल कर जिला उपायुक्त को सौंप सकते हैं, जिसके लिए तैयारियां की जा रही है।

इस चर्चित मामले के तहत बीते वर्ष दिसंबर माह के अंतिम सप्ताह में नगर निगम के अधीक्षक अभियंता ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर फिरौती मांगे जाने के आरोप में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। सीआइए टू टीम ने इसमें आरोपित एवं निगम में ही डीसी रेट पर अधीक्षक अभियंता के अधीन कार्यरत रहे कंप्यूटर आपरेटर सेक्टर 18 कैथल वासी शुभम व उसके साथ कैथल की ही बालाजी कालोनी वासी साहिल को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद निगम में उनके द्वारा बनाई गई करीब 36 वीडियो क्लिप भी वायरल हुईं, जिसमें निगम के अधीक्षण अभियंता दीपक किगर के पीए पैसे का लेन-देन करते हुए दिखाई दिए। इसके बाद नगर निगम के कमिश्नर मनोज कुमार ने डीसी को पत्र लिखकर मामले की जांच कराने की सिफारिश की थी।

डीसी ने जांच एडीसी योगेश कुमार को सौंपी थी तो वहीं इसी दौरान जिला प्रशासन ने उनके पीए को नौकरी से हटा दिया था। वहीं प्रदेश सरकार ने अधीक्षक अभियंता को भी सस्पेंड कर दिया था। एडीसी ने अपनी जांच करते हुए सभी संबंधित कर्मियों व अन्य लोगों को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया, जिसमें दीपक किगर ने उनके समक्ष 11 जनवरी को अपने बयान दर्ज कराने के लिए कहा था। वहीं एडीसी योगेश कुमार का कहना है कि जल्द ही बयान दर्ज कर रिपोर्ट फाइन कर उपायुक्त को सौंप दी जाएगी।

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