Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    हरियाणा में अब उपद्रवियों से निपटेंगे ड्रोन, फेंकेंगे आंसू गैस के गोले

    Updated: Sun, 31 Aug 2025 07:55 AM (IST)

    हरियाणा पुलिस प्रदर्शनों और दंगों से निपटने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करेगी। ड्रोन से उपद्रवियों पर नजर रखी जाएगी उन्हें चेतावनी दी जाएगी और पहचान के लिए रंग भी फेंका जाएगा। पुलिस कर्मचारियों को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। डीजीपी शत्रुजीत कपूर ने कहा कि ड्रोन तकनीक से लाठीचार्ज की नौबत नहीं आएगी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी। स्मार्ट सिस्टम भविष्य का रास्ता है।

    Hero Image
    प्रदेश में उपद्रवियों से अब निपटेंगे ड्रोन, फेंकेंगे आंसू गैस के गोले। फाइल फोटो

    जागरण संवाददाता, करनाल। हरियाणा पुलिस हाई टेक होती जा रही है। प्रदेश में होने वाले बड़े प्रदर्शन व दंगा करने वाले उपद्रवियों से अब ड्रोन निपटेंगे। ड्रोन के माध्यम से ही पुलिस उपद्रवियों पर नजर रखेगी।

    उन्हें वार्निंग भी ड्रोन से दी जाएगी और फिर उनपर ड्रोन से ही रंग फेंका जाएगा ताकि उनकी पहचान हो सके और जरूरत पड़ने पर ड्रोन की माध्यम से ही आंसू गैस के गोले और धमका बम भी फेंकेंगे, ताकि उपद्रवी मौके से भाग जाएं।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    ड्रोन के इन सभी कार्यों को देखने के लिए शनिवार को मधुबन पुलिस अकादमी में डेमो रखा गया। इसे देखने के लिए हरियाणा पुलिस के डीजीपी शत्रुजीत कपूर पहुंचे और उन्होंने सभी छह ड्रोन के कार्य को देखा। इस दौरान उनके साथ मधुबन पुलिस अकादमी के निदेशक डॉ. एके चावला, पुलिस आयुक्त पंचकूला शिवास कबिराज, एसपी करनाल गंगाराम पूनिया सहित अन्य बड़े अधिकारी मौजूद रहे।

    इस दौरान डमी उपद्रवी भी खड़े किए हुए थे। इससे अलग ड्रोन से अपराधियों को पकड़ने, निगरानी रखने के लिए भी किया जाएगा। इसके लिए पुलिस कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

    अब लाठीचार्ज की नौबत नहीं पड़ेगी: शत्रुजीत

    डीजीपी शत्रुजीत कपूर ने कहा कि बड़े आंदोलनों और धरना-प्रदर्शनों से निपटने में तकनीक न केवल पुलिस की क्षमता बढ़ाती है, बल्कि कानून-व्यवस्था को बनाए रखने में भी मददगार साबित होती है। उन्होंने पिछले वर्ष लगभग 13 महीनों तक चले किसान आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान पुलिस ने न्यूनतम बल प्रयोग कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने का कार्य किया। एक सीमा के अंदर बल प्रयोग उचित है।

    ऐसे में ड्रोन तकनीक का प्रयोग विशेष रूप से सफल हो सकता है। इसके लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की गई है। यह डेमोंस्ट्रेशन पूरी तरह सफल रहा। ड्रोन का प्रयोग करने पर लाठीचार्ज की नौबत नहीं आएगी। इसके साथ ही उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र किया और बताया कि कैसे ड्रोन की मदद से कितने बड़े ऑपरेशन को सफल बनाया गया।

    स्मार्ट एवं कॉन्टैक्टलेस सिस्टम ही भविष्य का रास्ता है: सिबास

    पुलिस आयुक्त पंचकूला शिवास कबिराज ने कहा कि आधुनिक दौर में भीड़ नियंत्रण, संवेदनशील इलाकों की निगरानी और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्मार्ट एवं कॉन्टैक्टलेस सिस्टम ही भविष्य का रास्ता है।

    इस प्रणाली के ज़रिये पुलिस बल को भीड़ में सीधे दखल दिए बिना कानून-व्यवस्था पर प्रभावी नियंत्रण की सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि कॉन्टैक्टलेस मैनेजमेंट के तहत ड्रोन, हाई-टेक कैमरे, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एडवांस्ड साफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाएगा।