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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रूस में फंसे करनाल के हर्ष के परिवार को राहत, फ्रंट लाइन से हटाया; विदेश घूमने की चाहत ने बुरा फंसाया

Published: Sat, 09 Mar 2024 10:59 AM (IST)

Karnal Latest News एजेंट की धोखाधड़ी के शिकार हुए करनाल के हर्ष के परिजनों के लिए एक राहत भरी खबर ...और पढ़ें

रूस में फंसे करनाल के हर्ष के परिवार को राहत, फ्रंट लाइन से हटाया
रूस में फंसे करनाल के हर्ष के परिवार को राहत, फ्रंट लाइन से हटाया

HighLights

  1. एजेंट की धोखाधड़ी से पंजाब-हरियाणा के कई लोग बुरे फंसे
  2. वे धोखे से रूस के वीजा पर बेलारूस फंस गए
  3. अब उन्हें यूक्रेन के खिलाफ लड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है
  4. इनमें हरियाणा में करनाल के हर्ष भी शामिल हैं

जागरण संवाददाता, करनाल। Russia Ukraine war: रूस की ओर से यूक्रेन युद्ध में जबरन उतारे गए करनाल के सांभली गांव के 19 वर्षीय युवक हर्ष और उसके स्वजन को कुछ राहत मिली है। एजेंट के हत्थे चढ़कर हर्ष को रूस की जगह बेलारूस (Belarus) भेजा गया था। वहां पुलिस द्वारा पकड़े जाने के बाद उसे सेना को सौंप दिया गया, जहां छह दिन हथियार चलाने का प्रशिक्षण दिया गया और फिर यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में उतार दिया गया।

परिजनों ने सांसद संजय भाटिया से की मुलाकात

युवक ने अपनी वीडियो स्वजन तक भेजी तो सच्चाई सामने आई। स्वजन ने सांसद संजय भाटिया से मुलाकात की। वहीं मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री के संज्ञान में यह मामला आया तो उन्होंने उच्चाधिकारियों से बात की। इन प्रयासों के बूते अब युवक को युद्ध के फ्रंट लाइन से हटाने की बात सामने आई है।

युवक 25 दिसंबर को गया था रूस

मां सुमन के अनुसार हर्ष को विदेश घूमने की चाहत थी। इस पर पिता ने एक एजेंट से बातचीत कर उसे रूस में घूमने के लिए भेजा था। एजेंट ने रूस की जगह बेलारूस भेज दिया। बेलारूस का वीजा नहीं होने के कारण उसे वहां की पुलिस ने पकड़ लिया था। वह 25 दिसंबर को रूस के लिए चला था।

डोनेक्स में दे दी गई तैनाती

पुलिस द्वारा पकड़े जाने के बाद उसे रूस आर्मी (Russia Army) को सौंप दिया गया। जहां छह दिन तक अलग अलग हथियार चलाने का प्रशिक्षण दिया गया। फिर यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में डोनेक्स नामक स्थान पर तैनात कर दिया गया। इस हकीकत से स्वजन अंजान थे। सुमन के अनुसार डोनेक्स में मोबाइल नेटवर्क कमजोर होने से उनकी हर्ष से बातचीत तक नहीं हो पाई। उसने किसी तरह एक वीडियो रिकॉर्ड करके भेजा तो उसकी दुर्दशा दिखी।

अन्य युवकों को मदद के प्रयास शुरू

रूस के बाद उसे अमेरिका या इंग्लैंड जाना था। इसीलिए उसने पहले रूस भ्रमण का निर्णय लिया था। युवक की हालत पता चलते ही स्वजन शुक्रवार को उपायुक्त से मिलने जिला सचिवालय पहुंचे। सांसद ने स्वजन को हरसंभव सहायता का आश्वासान दिया। युवक हर्ष को फ्रंट लाइन से हटा लिया गया है। उसे व अन्य युवकों को और मदद देने के प्रयास भी शुरू हो गए हैं।

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