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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

करनाल में प्रशासन श्मशानघाट में शेड नहीं लगवा पाया, बारिश में तिरपाल के सहारे अंतिम संस्कार

Published: Wed, 03 Sep 2025 02:16 PM (IST)Updated: Wed, 03 Sep 2025 05:25 PM (IST)

करनाल के ब्रास गांव में श्मशानघाट पर शेड न होने के कारण ग्रामीणों को बारिश में तिरपाल पकड़कर अंतिम संस्कार ...और पढ़ें

शानघाट में ये सुविधाएं उपलब्ध न होने से लोगों को खुले में मृतक का अंतिम संस्कार करना पड़ता है।
शानघाट में ये सुविधाएं उपलब्ध न होने से लोगों को खुले में मृतक का अंतिम संस्कार करना पड़ता है।

HighLights

  1. शेड न होने से तिरपाल पकड़कर अंतिम संस्कार |
  2. ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना |
  3. बीडीपीओ ने सरपंच को फटकार लगाई |

संवाद सहयोगी, निसिंग।  करनाल जिले के गांव ब्रास में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। इसमें अमूपुर रोड पर बने श्मशानघाट में शेड न होने के कारण चिता के ऊपर गांव वालों ने तिरपाल तानकर मुखाग्नि दी। ग्रामीण घंटों तिरपाल पकड़ कर शव के पास खड़े रहे।

एक ग्रामीण संजय की अचानक मौत हो गई थी। हल्की सी बारिश रुकी। स्वजन अंतिम संस्कार के लिए श्मशान चले गए। जैसे ही मुखाग्नि दी, फिर से बारिश शुरू हो गई। स्वजनों को चिता पर तिरपाल तानकर खड़ा रहना पड़ा। किसी पीड़ित परिवार के लिए अपने परिवार के सदस्य की मौत के समय घंटे खड़े रहना भी किसी बड़ी मुसीबत से कम नहीं।

श्मशानघाट सैंकड़ों वर्ष पुराने हैं। इनमें अभी तक सरपंच व पंचायत प्रशासन ने बरसात में अंतिम संस्कार सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवाकर लगातार अनदेखी की है। पंचायत प्रशासन द्वारा श्मशानों में शेड, चाहर दीवारी, बरामदे व पेयजल व्यवस्था पर लाखों खर्च किए जाते हैं, लेकिन ब्रास के श्मशानघाट में ये सभी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। लोगों को खुले में मृतक का अंतिम संस्कार करना पड़ता है।

कहां गई करोड़ों की ग्रांट

गांव ब्रास की दो पंचायतें हैं। ब्रास खुर्द और ब्रास कलां। ब्रास कलां गांव में सरकार की ओर से करोड़ों रुपये की ग्रांट विकास कार्यों के लिए जारी की गई है, लेकिन गांव में विकास के पैसे कहां खर्च हो रहे हैं, ये जांच का विषय जरूर है। ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। गांव में सफाई व्यवस्था तक लचर है। पर ग्राम सरपंच के सिर पर जूं तक नहीं रेंग रही। वह सरकार और प्रशासन की छवि को धूमिल करने में मशगूल है। सरपंच की ओर से गांव के विकास कार्यों में अनदेखी से ग्रामीणों में रोष है।

सरपंच को लताड़ा, होगा निर्माण

बीडीपीओ  शिखा ने कहा कि समस्या उनके संज्ञान में नहीं थी। उन्हें ड्यूटी ज्वाइन किए कुछ ही दिन हुए हैं। समस्या की गंभीरता देखते हुए सरपंच को लताड़ा गया है। वहीं मौसम खुलते ही श्मशान में कमरा व शेड निर्माण करवाने सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवा दी जाएंगी। उन्होंने अनदेखी पर खेद व्यक्त किया। अन्य ग्राम पंचायतों में भी पता किया जाएगा। जहां भी सुविधा का अभाव होगा, वहां निर्माण कार्य शुरू करवाया जाएगा।