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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 01, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Haryana Weather: इस साल जुलाई में औसत से 59% अधिक बरसे मेघ, उत्तरी हरियाणा पर ज्यादा मेहरबान रहा मॉनसून

By Jagran NewsEdited By: Mohammad Sameer
Published: Tue, 01 Aug 2023 04:00 AM (IST)

Haryana Weather केंद्र केे अनुसार पिछले वर्षों के दौरान जुलाई में हरियाणा में सबसे अधिक वर्षा 2003 में हुई थी ...और पढ़ें

इस साल जुलाई में औसत से 59% अधिक बरसे मेघ।
इस साल जुलाई में औसत से 59% अधिक बरसे मेघ।

जागरण संवाददाता, करनाल: मानसून सीजन के दूसरे महीने जुलाई में राज्य में लगभग 237.1 एमएम वर्षा हुई। यह इस अवधि के सामान्य वर्षा स्तर 149.1 एमएम से 59 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश में जुलाई में अंबाला, पंचकूला-चंडीगढ़, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, पानीपत, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, नूंह, सोनीपत और यमुनानगर में काफी अधिक वर्षा दर्ज की गई।

भिवानी, फरीदाबाद, गुरुग्राम, सिरसा में भी अच्छी वर्षा हुई। चरखी दादरी, हिसार, झज्जर, जींद, पलवल, रोहतक में वर्षा स्तर सामान्य रहा। मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार जुलाई माह में अंबाला में सामान्य से 75, चंडीगढ़ में सामान्य से 170, कैथल में 92, करनाल में 97, कुरुक्षेत्र में सामान्य से 276, महेंद्रगढ़ में 72, नूंह में 80, पंचकूला में 127, पानीपत में 98, रेवाड़ी में 62, सोनीपत में 74 और यमुनानगर में सामान्य से 111 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई।

केंद्र केे अनुसार पिछले वर्षों के दौरान जुलाई में हरियाणा में सबसे अधिक वर्षा 2003 में हुई थी, जब पूरे माह में प्रदेश में बादल 277.6 एमएम बरसे थे। इस माह सबसे कम वर्षा का रिकार्ड जुलाई 2002 का है, जब इस माह हरियाणा में सबसे कम 19.4 वर्षा हुई थी। पिछले वर्ष यानि 2022 में प्रदेश में 219.7 एमएम वर्षा रिकार्ड की गई थी।

कहां कितनी वर्षा

प्रदेश में इस बार अंबाला में जुलाई में 513.9 एमएम वर्षा हुई। यहां जुलाई में सर्वाधिक 582.4 एमएम वर्षा का रिकार्ड 2010 में बना था। जबकि हिसार में इस वर्ष जुलाई में केवल 94.2 एमएम वर्षा हुई। यहां सबसे अधिक 325.8 एमएम वर्षा का रिकार्ड जुलाई 2003 का है जबकि सबसे कम वर्षा 2004 में केवल 3.3 एमएम रिकार्ड की गई थी।

करनाल में इस वर्ष जुलाई में 361 एमएम वर्षा हुई। यहां इस माह सर्वाधिक 402.6 एमएम वर्षा जुलाई 2021 में रिकार्ड की गई थी। तापमान के लिहाज से अंबाला में जुलाई में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 22 जुलाई को 33.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।

यहां जुलाई माह में सबसे अधिक 46.7 डिग्री सेल्सियस तापमान 1903 का है। करनाल में इस वर्ष जुलाई में सर्वाधिक 32.4 डिग्री सेल्सियस तापमान चार जुलाई को रहा। यहां जुलाई में सर्वाधिक 43.9 डिग्री सेल्सियस तापमान में 1959 में रिकार्ड किया गया था।

हिसार में इस वर्ष जुलाई में सर्वाधिक 40.6 डिग्री सेल्सियस तापमान चार जुलाई को रिकार्ड किया गया। यहां जुलाई में सबसे अधिक 47.2 डिग्री सेल्सियस तापमान का रिकार्ड 1947 का है।

जल्द शुरू होंगी वर्षा गतिविधियां 

वर्तमान मौसम प्रणाली के तहत समुद्र तल पर मानसून ट्रफ फिलहाल अमृतसर, लुधियाना, बरेली से होकर गुजर रही है। पटना, बांकुरा, उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी और निकटवर्ती उत्तरी ओडिशा पर निम्न दबाव क्षेत्र का केंद्र बना है।

पश्चिम बंगाल के तट व वहां से दक्षिण-पूर्व की ओर पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक इसका विस्तार हे। एक पश्चिमी विक्षोभ मध्य-क्षोभमंडलीय पश्चिमी हवाओं में एक गर्त के रूप में अपनी धुरी के साथ 5.8 किलोमीटर ऊपर है। दो व तीन अगस्त को कुछ स्थानों पर वर्षा गतिविधियां संभव हैं। इसके बाद यह सिलसिला जोर पकड़ने के भी आसार हैं