जल संरक्षण को अपनाकर ही भविष्य को बचाया जा सकेगा- बलदेव राज
करनाल में चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि विज्ञान विभाग की तरफ से जल संरक्षण पर गोष्ठी आयोजित की गई।

जागरण संवाददाता, करनाल
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि विज्ञान केंद्र उचानी द्वारा मंगलवार को केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान करनाल के सभागार में जल संरक्षण पर किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस किसान गोष्ठी में लगभग 300 किसानों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कुलपति प्रो बलदेव राज कांबोज रहे। कृषि विज्ञान केंद्र के कार्डिनेटर डा. महा सिंह ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया।
प्रोफेसर कांबोज ने बताया की पानी की समस्या हमारे देश में ही नहीं अपितु दुनिया के लगभग 70 देशों में बनी हुई है। जब तक आम जनता व हमारे किसान भाई पानी के सरंक्षण के लिए अपनी भूमिका नही निभाएंगे तब तक जल संरक्षण होना संभव नहीं है इसलिए हमें सबको मिलकर पानी बचाना होगा। इसे अपनी आदतों में शामिल करना होगा, क्योंकि इस वक्त पानी बचाना हम सबका कर्तव्य ही नहीं अपितु मौलिक जिम्मेदारी भी है। किसानों को भी रोपाई की धान की बजाए डी एस आर तकनीक अपनानी चाहिए। डी एस आर तकनीक से उगाई धान में पानी की बहुत बचत होगी। धान की फ सल की बजाए मक्का की फसल को लिया जा सकता है। सब्जी की फ सल लगाकर जल संरक्षण की नई तकनीकों जैसे ड्रिप सिचाई को अपनाना होगा ताकि कम पानी में पूरी फ सल ली जा सके। मंच का संचालन कृषि विज्ञान केन्द्र करनाल के डा. विजय कौशिक ने किया। विस्तार शिक्षा के निदेशक डा. बलवान सिंह मंडल ने कृषि विज्ञान केन्द्र उचानी को जल संरक्षण पर किसान गोष्ठी करने के लिए बधाई दी। इस अवसर पर सीएसएसआरआई के इंचार्ज निदेशक डा. भटनागर, क्षेत्रीय निदेशक डा. ओपी चौधरी, डा. सुनील डांडा, डा. किरण कुमारी व डा. परविद्र बालियान मौजूद थे।
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