यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 14, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आधार से लिंक होंगे ईपीएफ खाते, नियोक्ता पर आश्रित नहीं रहेंगे कर्मचारी
कर्मचारियों का पीएफ अकाउंट आधार कार्ड से लिंक किया जाएगा। विभाग ने नाम व जन्म तिथि जैसी जानकारियों के अंतर को खत्म करने के लिए विशेष अभियान चलाया है।

करनाल [गगन तलवार]। कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) संगठन के सभी सदस्यों के यूनिवर्सल खाते अब आधार से लिंक होंगे। इससे यूनिवर्सल खाते में नाम, जन्म तिथि व पिता के नाम में अंतर जैसी खामियां ठीक करने में सुविधा होगी।
अक्सर ऐसा होता है कि ईपीएफ से संबंधित किसी भी क्लेम या रिटायरमेंट के समय खाते से पैसा निकलवाते हुए कर्मचारी को नाम, जन्म तिथि व पिता के नाम में अंतर आने के कारण दिक्कत होती है। इन्हें दूर करने के लिए उसे लंबी प्रक्रिया से होकर गुजरना पड़ता है। जरूरत पर पैसा भी नहीं मिल पाता। इसलिए इन खामियों को दूर करने के लिए ईपीएफओं ने सभी कर्मचारियों के यूनिवर्सल खातों को आधार नंबर से लिंक करने के लिए विशेष अभियान चलाया है।
पहली जुलाई से शुरू हुआ यह अभियान 30 सितंबर तक चलेगा। इसके बाद कर्मचारी आसानी से ईपीएफओ की योजनाओं का लाभ व रिटायरमेंट के वक्त पैसा ले सकेगा। उल्लेखनीय है कि यूनिवर्सल खाता आधार से लिंक होने के बाद पीएफ कार्यालय से संबंधित किसी भी तरह के क्लेम के लिए कर्मचारी अपने नियोक्ता पर आश्रित नहीं रहेगा। वह स्वयं ही संबंधित फार्म भरकर क्लेम ले सकेगा। अभियान के तहत कोई भी सदस्य स्वयं यूनिवर्सल खाते में अपना आधार नंबर अटैच करवा सकता है, जबकि पहले यह कार्य नियोक्ता के जरिये होता था।
सीएससी सेंटर पर जाकर हो सकेंगे खाते से आधार लिंक
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के करनाल क्षेत्र के आयुक्त रवि कांत ने बताया कि यूनिवर्सल खाते से आधार नंबर ङ्क्षलक करने का कार्य कोई भी सदस्य क्षेत्रीय कार्यालय के अलावा कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के पानीपत, सोनीपत, यमुनानगर और अंबाला स्थित जिला कार्यालय व नजदीकी किसी भी कॉमन सर्विस सेंटर में जाकर करवा सकता है।
