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    Haryana Politics: पूर्व सीएम मनोहर अगर जीते लोकसभा चुनाव तो मोदी सरकार में मंत्री बनना संभव, उसके पीछे ये है बड़ा कारण

    Updated: Thu, 14 Mar 2024 01:13 PM (IST)

    हरियाणा दो दिन पहले जो हुआ वो पूरे देश ने देखा। चेहरा जरूर बदला लेकिन सरकार नहीं बदली। मनोहर लाल करीब साढ़े सालों तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। भाजपा मनोहर लाल की साफ छवि और जुझारूपन का फायदा जरूर लेना चाहेगी। इसलिए उन्हें टिकट देकर आला कमान ने प्रदेश ने निकालकर देश की राजनीति में लाने का सोचा है। पढ़िए पूरी खबर।

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    Haryana Politics: मनोहर लाल की साफ छवि और जुझारूपन का फायदा लेगा भाजपा नेतृत्व। फाइल फोटो

    अनुराग अग्रवाल, चंडीगढ़। हरियाणा में मंगलवार को हुआ राजनीतिक बदलाव सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन का हिस्सा है। सरकार का चेहरा बदला है। सरकार नहीं बदली। सरकार वही है, उसकी नीतियां, परियोजनाएं और उन्हें लागू कराने वाले मंत्री भी पुराने हैं। मुख्यमंत्री के रूप में मनोहर लाल के स्थान पर अब नायब सिंह सैनी सरकार का चेहरा बन चुके हैं।

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    नये मुख्यमंत्री पर अपने राजनीतिक गुरु मनोहर लाल की योजनाओं और लंबित कार्यों को तेजी के साथ आगे बढ़ाने की बड़ी चुनौती है। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की उम्मीदों पर खरा उतरने का दबाव भी कम नहीं है। मनोहर लाल ने साढ़े नौ साल जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Modi) की उम्मीदों के अनुरूप हरियाणा में काम किया, उसका ईनाम जल्दी ही मिल सकता है।

    मनोहर लाल को करनाल लोकसभा सीट से उम्मीदवार तो घोषित किया ही जा चुका है, लेकिन भाजपा के राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि उन्हें भाजपा का कार्यकारी अध्यक्ष भी बनाया जा सकता है। इसके बाद जून में मौजूदा अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) का कार्यकाल पूरा होने के बाद मनोहर लाल को पार्टी की कमान सौंपी जा सकती है।

    देश में किसी भी समय लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2024) की घोषणा हो सकती है। करीब छह माह बाद विधानसभा चुनाव होंगे। ऐसे में सरकार का मुख्य चेहरा होने के नाते नायब सिंह सैनी पर प्रदेश की सभी 10 लोकसभा सीटों को जीतने और राज्य में तीसरी बार पूर्ण बहुमत की भाजपा सरकार बनाने की बड़ी जिम्मेदारी है।

    इस काम में भाजपा का पूरा सिस्टम तो काम करेगा ही, निर्वतमान मुख्यमंत्री मनोहर लाल (Manohar Lal) का सहयोग भी काफी मददगार साबित होगा। राजनीतिक गलियारों में एक सवाल बड़ी तेजी के साथ घूमा कि आखिर मनोहर लाल को हरियाणा के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी से क्यों अलग किया गया? दूसरा सवाल यह है कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं कुरुक्षेत्र के सांसद नायब सिंह सैनी (CM Nayab Saini) में ऐसी क्या खूबी है, जिसकी वजह से भाजपा ने उन्हें मनोहर लाल के स्थान पर मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे उपयुक्त माना है।

    लोकसभा चुनाव जीते तो सरकार बनने पर मंत्री बनना भी संभव भाजपा ने निवर्तमान मुख्यमंत्री मनोहर लाल को उनकी साफ और ईमानदार नेता की छवि के चलते करनाल से लोकसभा का टिकट दिया है। राजनीति के जानकार लोगों का कहना है कि मनोहर लाल के चुनाव जीतने की स्थिति में मोदी मंत्रिमंडल में उनका केंद्रीय मंत्री बनना तय है।

    यदि ऐसा नहीं होता तो पार्टी में शीर्ष पद पर जिम्मेदारी मिलेगी। मोदी और मनोहर की आपकी समझदारी ठीक उसी तरह की है, जिस तरह मनोहर लाल और नायब सिंह सैनी (CM Nayab Saini) की है। मनोहर लाल ने केंद्र की तमाम योजनाओं को अपने राज्य में बखूबी लागू किया है। भाजपा में एक वर्ग ऐसा भी था, जो कहीं न कहीं शीर्ष नेतृत्व को यह संदेश दे रहा था कि तीसरी बार विधानसभा चुनाव में यदि मनोहर लाल चेहरा हुए तो पार्टी को नुकसान हो सकता है।

    विरोध की सारी गुंजाइश खत्म भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को हालांकि इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ा, लेकिन ऐसे नेताओं की बात को महत्व देते हुए पार्टी ने मनोहर लाल की जिम्मेदारी बदल दी है। लेकिन उनके मान सम्मान में कोई कसर नहीं छोड़ी, क्योंकि जिन नायब सैनी को मुख्यमंत्री बनाया गया है।

    वह मनोहर लाल की पसंद ही हैं। पार्टी ने मनोहर लाल को बदलकर इस बात की आशंका पूरी तरह से खत्म कर दी है कि चुनाव में सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड़ेगा। नायब सैनी ओबीसी हैं। उनकी छवि मनोहर लाल की तरह सबको साथ लेकर चलने वाले नेता की है।