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    Sports News: कल्पना चावला के शहर की तीरंदाज बेटी का कमाल, रिद्धि और ईषा ने गोवा में जीते मेडल

    कल्‍पना चावला के शहर करनाल की दो बेटियों रिद्धि और ईषा ने कमाल कर दिया। रिद्धि और ईषा ने गोवा में 42वीं एनटीपीसी जूनियर नेशनल तीरंदाजी प्रतियोगिता में मेडल जीता है। 4 से 5 नवंबर को गोवा के पणजी में मुकाबले हुए।

    By Yash palEdited By: Anurag ShuklaUpdated: Sun, 06 Nov 2022 01:51 PM (IST)
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    करनाल की दो तीरंदाज बेटियां रिद्धि और ईषा।

    करनाल, जागरण संवाददाता। कल्पना चावला के शहर की बेटी तीरंदाज रिद्धि फोर ने गोवा कके पणजी में गोल्ड मेडल जीत का हरियाणा का नाम रोशन किया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीरंदाजी में नाम कमाने वाली रिद्धि ने बीते दिनों खेलों इडिया में हरियाणा का मेडल ग्राफ बढ़ाने में भागीदारी निभाई है। अब गोवा में 42वीं एनटीपीसी जूनियर नेशनल तीरंदाजी प्रतियोगिता में जीत से शहर की बेटियों का सिर ऊंचा किया है।

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    हरियाणा टीम से खेलते हुए उन्होंने टीम इवेंट में गोल्ड मेडल और एक व्यक्तिगत में सिल्वर मेडल प्राप्त किया। इसी तरह सीएम सिटी की तीरंदाज ईशा ने पंजाब टीम से खेलते हुए रैंकिंग में एक गोल्ड मेडल और व्यक्तिगत रूप से एक ब्रांज मेडल प्राप्त किया है।

    करनाल की दोनों बेटियों के बीच फाइनल मुकाबला

    प्रशिक्षक मनोज फोर ने बताया कि 4 से 5 नवंबर को गोवा के पणजी में आयोजित मुकाबलों के दौरान करनाल की दोनों बेटियों रिद्ध और ईशा में फाइनल मुकाबला हुआ। रिद्धि हरियाणा से जबकि ईशा पंजाब का प्रतिनिधित्व कर रहीं थीं। एक बार मैच में ऐसी स्थिति बन गई जब दोनों ही खिलाड़ियो का आपस में मैच था। दोनों पांच-पांच से बराबर हो गए अब जो खिलाड़ी एक बढ़िया तीर शूट करेगा वही जीतेगा। ईशा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नौ में निशाना लगाया

    ओलिंपिक में गोल्‍ड का सपना

    रिद्धि ने दस अंकों में निशाना लगाकर यह मैच जीत लिया। प्रशिक्षक मनोज ने बताया कि ईशा ट्रेनिंग के बाद पढ़ाई और कोचिंग के लिए पटियाला पंजाबी यूनिवर्सिटी भेज दिया गया था। जहां कोच गौरव शर्मा के नेतृत्व में अभ्यास किया और आज दो मेडल प्राप्त किए हैं। शहर को दोनों बेटियों से देश को ओलिंपिक में गोल्ड मेडल दिलाने उम्मीद है।

    राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय 70 मेडल जीत चुकी रिद्धि

    आठ वर्ष की आयु में रिद्धि ने तीरंदाजी में अब तक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 70 मेडल जीत चुकी है।राष्ट्रीय स्तर पर 56 मेडल हासिल किए हैं। गुरुनानक खालसा महाविद्यालय के प्राचार्य गुरविंदर सिंह में पहले वर्ष की छात्रा ने बेटियों को तीरंदाजी में करियर के लिए प्रोत्साहित किया है। रिद्धि ने वर्ष-2012 में शुरू की ट्रेनिंग के बाद वर्ष-2014 में आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा में आयोजित अंडर-14 मुकाबलों में गोल्ड मेडल हासिल किया।

    ये हैं उपलब्धियां

    वर्ष-2015 में विशाखापट्नम में दो ब्रांज, अंडर-18 में सिल्वर व ब्रांज, आंध्र प्रदेश तिरुपति में वर्ष 2016 में तीन गोल्ड, उड़ीसा भुवनेश्वर में आयोजित अंडर-17 के मुकाबले में दो गोल्ड व दो सिल्वर, स्कूल नेशनल गेम्स में चार गोल्ड व एक सिल्वर, वर्ष 2016-17 में महाराष्ट्र में मेडल, फरीदाबाद में सीनियर नेश्नल तीरांदजी में ब्रांज, वर्ष 2017-18 में स्कूल नेशनल गेम्स में दो गोल्ड, एक सिल्वर, वर्ष 2018-19 में फिलिपींस एशिया कप में दो ब्रांज, ताईवान में आयोजित मुकाबलों में सिल्वर व ब्रांज, बांग्लादेश में आयोजित सीनियर सिल्वर मेडल हासिल किया।

    पिता ने छोड़ी नौकरी, मां का पूरा सहयाेग

    पढ़ाई में अव्वल रहने वाली बीए प्रथम वर्षीय छात्रा रिद्धि ने अपनी सफलता के लिए पिता मनोज फोर व मां पिंकी के सहयोग को बताना नहीं भूलीं। कम उम्र में आज सफलता की सीढ़ी पर चढ़ी रिद्धि ने बताया कि पिता ने मेरा करियर संवारने के लिए खुद की नौकरी छोड़ दी, जबकि मुकाबलों में मम्मी साथ रहती हैं। साथ ही परिवार की जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया है। माता-पता की बदौलत वे कामयाबी की सीढ़ी चढ़ रही हैं और देश के लिए मेडल जीतने का सपना है।