अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम सोशल मीडिया
जागरण संवाददाता, करनाल
सोशल मीडिया ने अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम प्रदान किया है। विचारों को अपना बिना किसी पाबंदी के स्वतंत्रता से लोगों तक पहुंचा सकते हैं। यह माध्यम किसी सीमा में नहीं बंधा है। जिस तरह से सोशल मीडिया से देश में आंदोलन खड़े हुए, उसी तरह से आने वाले समय में यह माध्यम से पूरी दुनिया के युवाओं को एकजुट कर लेगा। इससे किसी भी देश में गलत कार्य होता है तो उसके खिलाफ दूसरे देश के युवा भी खडे़ हो जाएंगे। तस्वीर का दूसरा पहलू यह है कि सोशल मीडिया का राजनीतिक दल व नेताओं ने चुनावी प्रचार के लिए इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। प्रचार करना अच्छी बात है, लेकिन असंसदीय भाषा व अशोभनीय फोटो सोशल मीडिया पर लगाकर पूरे देश का सिर विश्व के सामने झुकाया जाता है। जनजागरण अभियान के तहत सोशल मीडिया और विरोध का फैशन विषय पर दैनिक जागरण के करनाल कार्यालय में आयोजित परिसंवाद में बुद्धिजीवियों से रायशुमारी की गई।
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विजय भाटिया, उप प्राचार्या, केवीए डीएवी महिला महाविद्यालय, करनाल
1. सोशल मीडिया ने अन्ना हजारे को सफल बनाने में सबसे अहम भूमिका निभाई।
2. विचारों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता संविधान ने दी, लेकिन विचार अभिव्यक्ति का सबसे सही मंच सोशल मीडिया है
3. देश में सबसे ज्यादा आबादी गरीबों की है और वह इस माध्यम से नहीं जुड़ पा रहे हैं
4. सोशल मीडिया पर नेताओं का साइबर वार हद से आगे बढ़ने से देश की छवि को पहुंचता नुकसान है
5. सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए सेंसर का होना अनिवार्य है
6. युवाओं को विचारवान बनने के लिए सोशल मीडिया की बजाय ज्ञान पर देना होगा जोर।
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परमजीत कौर, सदस्य, निफा, करनाल
1. सोशल मीडिया से युवा भेड़चाल की तरह जुड़ जाते हैं, उन्हें आंदोलन के असली मर्म का पता नहीं होता।
2. सोशल मीडिया पर जाहिर की गई भावनाओं को कभी पढ़ा या देखा जा सकता है।
3. सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं का एकजुट होना भविष्य के लिए अच्छा संकेत।
4. राजनीतिक दल किन अहम मसलों को छिपा रहा है यह सोशल मीडिया से पता लगाया जा सकता है
5. सोशल मीडिया ने युवाओं को उनके हकों के साथ साथ कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक किया है।
6. सोशल मीडिया का नेता चुनाव प्रचार के लिए गलत ढंग से इस्तेमाल करके युवाओं को करते भ्रमित।
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टिंकेश अरोड़ा, आइटी विशेषज्ञ, करनाल
1. सोशल मीडिया से युवाओं को भ्रमित करने का काम चिंता का विषय बन गया है
2. सोशल मीडिया पर असंसदीय भाषा के इस्तेमाल से लोकतंत्र की गरिमा पर पहुंचती ठेस
3. सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा व तस्वीरों को रोकने के लिए सेंसर बोर्ड की जरूरत है।
4. सोशल मीडिया पर एक वेबसाइड राजनीतिक दल अपने नाम से बनाते हैं, जबकि दूसरी साइड किसी और के नाम से बनाकर करते नेता व दलों पर करते ओछे प्रहार।
5. साधारण लोगों को यह बात समझ नहीं आती कि फेक आइडी बनाकर रची गई है किसी को भी बदनाम करने की साजिश।
6. सोशल मीडिया के माध्यम से भविष्य में पूरी दुनिया के युवा एकजुट हो जाएंगे।
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कुलजिंद्र मोहन एस बाठ, संचालक, दून गु्रप आफ स्कूल्स, करनाल
1. किसी भी सामाजिक मुद्दे पर आंदोलन खड़ा करने का सशक्त बनकर सामने आया है सोशल मीडिया।
2. सोशल मीडिया के माध्यम से भविष्य में किस विषय पर राजनीतिक दल जनमत भी तैयार करा सकते हैं।
3. देश की व्यवस्था को मजबूत बनाने की मांग मजबूत तौर पर इस मीडिया के माध्यम से सामने आई।
4. सोशल मीडिया का इस्तेमाल युवाओं को अपने विवेक से करना चाहिए। उन्हें अच्छे व बुरे में फर्क करना होगा।
5. सोशल मीडिया ने सांप्रदायिक सद्भाव को बढ़ाने में अहम भूमिका अदा की।
6. सीमाएं नहीं होने से सोशल मीडिया का फैलाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने से बात दूर तलक जाती है।
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पवन शर्मा, फिजिक्स प्राध्यापक, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, करनाल
1. सोशल मीडिया की वजह से युवाओं की सोच व्यापक हुई और वह दुनिया के मसलों पर भी सोचने लगा है।
2. सोशल मीडिया की ताकत से सकते में आए में राजनीतिक दल। उनकी एक गलती को चंद सेकेंड में दूर-दूर तक पहुंचा दिया जाता है।
3. सोशल मीडिया पर अभद्र सामग्री को रोकने के लिए सेंसरशिप का होना जरूरी हो गया है।
4. सोशल मीडिया का इस्तेमाल युवाओं को सामाजिक मुद्दों के लिए ही करना चाहिए।
5. निर्भया कांड में देश के एकजुट होने के पीछे सोशल मीडिया ने सबसे अहम भूमिका अदा की।
6. सोशल मीडिया पर ज्यादा से ज्यादा लोगों के विचारों से वाकिफ होने का मौका मिलता है।
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