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    Kaithal: नशीली दवाइयां रखने के मामले में दस साल की कैद, एंटी नारकोटिक सेल ने 2020 में दर्ज कराया था केस

    Kaithal अदालत ने प्रतिबंधित नशीली दवाइयां रखने के आरोप में एक व्यक्ति को 10 साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही उसे एक लाख रुपये जुर्माना देना होगा। जुर्माना नहींं देने पर एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।

    By Jagran NewsEdited By: MOHAMMAD AQIB KHANUpdated: Thu, 15 Jun 2023 04:58 PM (IST)
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    प्रतिबंधित नशीली दवाइयां बेचने रखने के मामले में व्यक्ति को दस साल की कैद : जागरण

    कैथल, जागरण संवाददाता: अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कृष्णकांत की अदालत ने प्रतिबंधित नशीली दवाइयां रखने के आरोप में एक व्यक्ति को 10 साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही उसे एक लाख रुपये जुर्माना देना होगा। जुर्माना नहींं देने पर एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।

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    इस बारे में एंटी नारकोटिक सेल के एएसआइ बलराज सिंह ने 24 अगस्त 2020 को थाना गुहला में एनडीपीएस के तहत केस दर्ज करवाया था। स्टेट की ओर से केस की पैरवी करते हुए डीडीए जसबीर सिंह ढांडा ने बताया कि एएसआइ बलराज सिंह ईएसआइ जोगिंद्र सिंह, ईएसआइ बलजीत सिंह, ईएसआइ कृष्ण कुमार, एएसआइ शुभकर्ण और एचसी राज सिंह के साथ चीका गुहला, रत्ता खेड़ा, दाबा होते हुए गांव चाबा शराब के ठेके के पास पहुंचा। वहां एक व्यक्ति ने गाड़ी रुकवाकर सूचना दी की गुरदीप सिंह उर्फ रोखा अपने मकान पर नशीली गोलियां बेचने का धंधा करता है। पहले उसका लड़का हरविंद्र सिंह भी नशीली गोलियों सहित पकड़ा गया था।

    छापामारी में मिली थी प्रतिबंधित नशीली गोलियां

    इस पर छापामारी के लिए पुलिस पार्टी तैयार की व गुप्तचर को साथ लेकर गांव चाबा गुरदीप सिहं के मकान के लिए चला। जब उनकी गाड़ी गुरदीप सिंह के मकान के पीछे वाली गली में पहुंची एक व्यक्ति कमरे से बाहर निकला और पुलिस को सामने देख कर एकदम कमरे में वापस चला गया। उसके पीछे बलराज कमरे में दाखिल हुआ तो देखा कि वह व्यक्ति दरवाजे के पीछे छिपकर खड़ा था। पुलिस को देख कर उसने अपने हाथ में पकड़ा पालिथीन कमरे में फर्श पर छोड़ दिया। इसमें पांच पत्ते निकलकर फर्श पर बिखर गए। उसमें कुल 150 पत्तों में 1500 गोलियां प्राप्त हुई। पुलिस ने चालान तैयार करके अदालत में पेश किया।

    दस साल की कैद और एक लाख रुपये जुर्माना

    मामले में कुल 11 गवाह पेश हुए और 26 दस्तावेज एग्जीबिट किए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कृष्णकांत ने अपने 41 पेज के फैसले में दोषी गुरदीप को दस साल की कैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।