संवाद सूत्र, जुलाना : गांव किलाजफरगढ़ में पेयजल संकट गहराया हुआ है। इस कारण ग्रामीण महिलाओं को दूर-दूर से पानी ढोहकर लाना पड़ रहा है। पेयजल की किल्लत को लेकर ग्रामीणों में प्रशासन और सरकार के प्रति रोष है। पिछले कई सालों से गांव किलाजफ रगढ़ के ग्रामीण पेयजल संकट से जूझ रहे है। गांव में भूमिगत जल पीने लायक नहीं है। क्योंकि भूमिगत जल में टीडीएस की मात्रा इतनी ज्यादा है कि चर्म होने का खतरा बना रहता है। ऐसे में गांव की महिला ममता, संतोष, कमला, सुमित्रा, अनिता, कमल, भतेरी आदि महिलाओं ने बताया कि गांव में पेयजल की पर्याप्त सप्लाई नहीं मिलती है। इस कारण अधिकतर गांव में पेयजल की किल्लत बनी हुई है। प्रशासन द्वारा गांव में पानों के हिसाब से होद बनाएं है। लेकिन उनमें से दो होद सूखे होने के कारण बचे हुए एक होद पर ही पेयजल लेने को लेकर भीड़ ऐसी उमड़ी होती है कि पूरा दिन ग्रामीण महिलाओं को उस होद पर आना जाना लगा रहता है। ग्रामीण महिलाओं का यह भी कहना है कि गांव में पेयजल संकट इतना गहराया हुआ है कि वे जब से गांव में आई है शादी के बाद से अब तक सिर से मटका नहीं उतरा है। ऐसे में ग्रामीण महिलाओं में प्रशासन व सरकार के प्रति गहरा रोष बना हुआ है।

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सांसद रमेश कौशिक द्वारा लगाया आरओ बना सफेद हाथी

वहीं जब ग्रामीण महिलाओं से सोनीपत के सांसद रमेश कौशिक द्वारा गांव में लाखों रुपए की राशि से लगाए आरओ के बारे में महिलाओं ने बताया कि गांव में जब आरओ लगाया गया था वह दो या तीन दिन है चल पाया था। उसके बाद से अब तक इसकी प्रशासन द्वारा कोई सुध नहीं ली गई है। जो कि सांसद द्वारा लगाया गया यह आरओ सफेद हाथी बना हुआ है।

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क्या कहते है गांव के सरपंच

गांव में पेयजल सप्लाई के लिए जलघर में एक ही टयूबवैल लगाया हुआ है जो कि सप्लाई और पेयजल दोनों के लिए है। इसलिए गांव में एक और टयूबवैल लगाएं जाने के लिए एस्टीमेट बनाया दिया गया है जो कि 32 लाख रूपए का है। एस्टीमेट पास होने और गांव में दूसरा टयूबवैल लगने के बाद पेयजल की समस्या का समाधान हो जाएगा।

---कुलदीप सिंह, सरपंच गांव किलाजफ रगढ़

Edited By: Jagran