जागरण संवाददाता, जींद : नागरिक अस्पताल में काला पीलिया के इलाज के लिए आने वाले मरीजों को समय पर टेस्ट रिपोर्ट नहीं मिल रही हैं। इसके कारण काफी मरीजों को रिपोर्ट लेने के लिए हर सप्ताह अस्पताल के चक्कर काटने पड़ रहे हैं और उनको इलाज में भी देरी हो रही है। जब मरीज वहां पर तैनात स्टाफ से बात करते हैं तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। मरीजों का आरोप है कि काला पीलिया के इलाज के लिए निर्धारित किए गए कमरे में तैनात स्टाफ महंगे टेस्ट करवाने के लिए निजी लैब भेज रहे हैं।

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इन टेस्टों के लिए स्पेशल लैब का नाम लेकर भेजा जाता है। अगर मरीज किसी दूसरी लैब से टेस्ट करवाकर ले जाता है तो वहां के स्टाफ का व्यवहार मरीज के प्रति सही नहीं होता है और कई मरीजों दोबारा से टेस्ट करवाने के लिए भेज दिया जाता है। मरीजों का आरोप है कि स्टाफ द्वारा लैब के साथ कमीशन निर्धारित होने के कारण ही उनको परेशान किया जा रहा है। स्टाफ के इस रवैये के कारण मरीज परेशान हो रहे हैं और अस्पताल प्रशासन इसकी तरफ ध्यान नहीं दे रहा है।

नागरिक अस्पताल में सोमवार व बुधवार के दिन ही काला पीलिया के मरीजों का चेकअप होता है। यह बोले नोडल अिधकारी नोडल अधिकारी डा. नरेश वर्मा ने कहा कि मरीज की रिपोर्ट में देरी क्यों हो रही है, इसका पता लगाया जाएगा। कुछ टेस्ट अस्पताल में नहीं होते हैं, इसलिए बाहर करवाना पड़ता है। बाहर से होने वाले टेस्ट मरीज अपनी मर्जी से किसी भी लैब में करवा सकते हैं, अगर स्टाफ द्वारा स्पेशल लैब का नाम लिया जा रहा है तो इसके बारे में स्टाफ को समझाया जाएगा।

जब सोमवार को वह फिर आया तो पता चला कि उसकी रिपोर्ट अब भी नहीं आई है। उसने आरोप लगाया कि स्टाफ द्वारा इलाज के नाम पर परेशान किया जा रहा है। इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि दूसरे मरीजों को परेशानी न आए। इस पर प्रधान चिकित्सा अधिकारी ने जांच के आदेश दिए हैं।

45 दिन में रिपोर्ट नहीं मिली तो मरीज ने दी शिकायत

नागरिक अस्पताल में सोमवार को इलाज के लिए मरीज परविंद्र सिंह ने 45 दिन पहले दिए सैंपल की रिपोर्ट नहीं मिलने पर सोमवार को प्रधान चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में शिकायत दी है। परविंद्र ने बताया कि पिछले दिनों उसने रक्तदान किया था। खून की जांच के बाद पता चला कि उसको काला पीलिया है। 13 दिसंबर 2022 को अस्पताल में इलाज के लिए आया। जहां पर एक टेस्ट के लिए अंदर ही सैंपल ले लिया, जबकि कुछ टेस्ट बाहर करवाने के लिए भेज दिया।

बाहर के टेस्ट उसने अपनी मर्जी की लैब से करवा लिए। इसके बाद 15 दिन के बाद रिपोर्ट लेने के लिए आने के लिए कहा। स्टाफ के कहे के अनुसार वह 28 दिसंबर 2022 को अस्पताल आया और सुबह दस बजे लाइन में लगने के बाद दोपहर दो बजे वहां पर तैनात स्टाफ नर्स ने बताया कि उनकी रिपोर्ट नहीं आई है।

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इसके बाद उसने स्टाफ नर्स को दोबारा सैंपल लेने के लिए कहा, लेकिन उसने सैंपल लेने से इंकार करते हुए कहा कि 15 दिन के बाद पता करना। इसके बाद 11 जनवरी को फिर आया तो पता चला कि रिपोर्ट अब भी नहीं मिली है। इसके बाद 11 जनवरी को उसका दोबारा सैंपल करवा दिया और 15 दिन में फिर से आने की बात कही।

Edited By: Himani Sharma

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