.. मेहमान नवाजी का जिदा घर में रिवाज रखना, कवि सम्मेलन में खूब बना माहौल
ज राष्ट्रीय कवि संगम की स्थानीय ईकाई द्वारा काव्य गोष्ठी का आयोजन ब्रा

जागरण संवाददाता, झज्जर : राष्ट्रीय कवि संगम की स्थानीय ईकाई द्वारा काव्य गोष्ठी का आयोजन ब्राइट कम्प्यूटर सेंटर में किया गया। जिसकी अध्यक्षता बहादुरगढ़ से पधारे वरिष्ठ कवि कृष्ण गोपाल विद्यार्थी ने की। मुख्य अतिथि के रूप में डा. विकास यश कीर्ति राष्ट्रीय कवि संगम हरियाणा प्रांत के महार्मत्री मौजूद रहे। गोष्ठी का आयोजन व मंच संचालन हास्य कवि व राष्ट्रीय कवि संगम इकाई झज्जर के अध्यक्ष मास्टर महेन्द्र ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत जीन्द से पधारी मधुर कंठी शकुन्तला काजला ने सरस्वती वंदना से की। इसके बाद युवा कवि व बेहतरीन शिक्षक मनोज कुमार ने सभी को ईद की मुबारकबाद देते हुए अपनी भावनाएं कुछ यूं बयां की कि त्योहार हिन्दू मुस्लिम के नहीं होते, ये होते हैं खुशियों के। हिन्दी साहित्य में गहन रुचि रखने वाले मनमोहन दरवेश ने देशभक्ति के अपने भाव पंक्तियों में कुछ यूं पिरोए मेरी आन तिरंगा है, मेरी शान तिरंगा है। भारत मां की धड़कन और प्राण तिरंगा है। समीक्षक आचार्य विनोद ने अपनी रचना के माध्यम से सन्देश देते हुए कहा कि आदमी को आदमी से हो गई नफरत बहुत ,आदमी को आदमी सा प्यार देना चाहता हूं। महेंद्र सिंह सागर ने शिक्षा का महत्व बताते हुए कहा कि सम्भव होगा एक दिन,पढऩा हर इंसान।
प्रसिद्ध हास्य कवि मास्टर महेंद्र ने अपने चिरपरिचित अंदाज में हास्य की फुलझड़ियां छोड़ते हुए कविता के माध्यम से संदेश दिया कि मेहमान नवाजी का घर में जिन्दा रिवाज रखना। शकुंतला काजल ने अपनी रचना के माध्यम से मां की ममता का बखान करते हुए कहा कि मीठे जल की गागर जैसी होती मां, अथाह प्रेम के सागर जैसी होती मां।
वरिष्ठ कवि, पत्रकार एवं लेखक कृष्णगोपाल विद्यार्थी अपनी रचना के माध्यम से समाज को संदेश देते हुए कहा कि सबसे बड़ा धनवान वही है, जो मुस्कान बांटता है, यूं लगता है दीवारों को रोशनदान बांटता है। सबके लिए दुआ करता है हरदम जो सच्चे दिल से, उसके लिए जहांभर की खुशियां गवान बांटता है सुना कर खूब तालियां बटोरी। इस मौके पर राष्ट्रीय कवि संगम इकाई जिला संयोजिका सीमा गोयल व सेंटर के निदेशक जितेंद्र यादव भी मौजूद रहे।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।