Jhajjar News: डीसी के माध्यम से पीएम और सीएम को भेजा फूलों का गुलदस्ता, किसानों ने दिखाई गांधीगिरी
हरियाणा के झज्जर में रेल आर्बिटल कारिडोर की अधिग्रहित जमीन के मामले में किसानों ने गांधीगिरी दिखाई। भारत भूमि बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष रमेश दलाल के नेतृत्व में पहुंचे किसान अपने हाथों में फूलों का गुलदस्ता लिए हुए थे।

जागरण संवाददाता, झज्जर: केएमपी के साथ बनने वाले रेल आर्बिटल कारिडोर के लिए अधिग्रहित जमीन का मुआवजा दस करोड़ रूपये देने सहित कई अन्य मांगों को लेकर मांडौठी टोल पर पिछले 72 दिनों से धरना दे रहे सैकड़ों किसानों ने शुक्रवार को गांधीगिरी दिखाते हुए जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। किसान ट्रैक्टरों पर सवार होकर झज्जर पहुंचे। भारत भूमि बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष रमेश दलाल के नेतृत्व में पहुंचे किसान अपने हाथों में फूलों का गुलदस्ता लिए हुए थे। जिसे उन्होंने डीसी शक्ति सिंह के माध्यम से पीएम और सीएम के नाम भेजा।
फूल भेंटकर अपनी गांधीगिरी का परिचय दिया
इधर, लघु सचिवालय में किसानों के आगमन की सूचना पाकर डयूटी पर तैनात किए गए पुलिस कर्मियों को भी फूल भेंटकर अपनी गांधीगिरी का परिचय दिया। किसानों का कहना था कि महात्मा गांधी जी ने हम सभी को अहिंसा का रास्ता अपनाने का संदेश दे रखा है। हरियाणा की पहचान हमेशा उग्र प्रदर्शन से रही है। प्रदेश में सीएम चाहे कोई भी रहा हो। लेकिन, प्रदर्शन उग्र होते रहे है। इस बार उन्होंने उस लीक से अलग हटकर ही गांधीगिरी का रास्ता अपनाया है। ताकि उनकी मांगों का समाधान शांति प्रिय ढंग से निकाला जाए।
लेकिन, सीएम के आदेश के बावजूद भी अधिकारी उनकी मांगों को लेकर जिस ढर्रे पर चल रहे है और जिस गति से चल रहे है, को देखकर ऐसा लगता है कि अधिकारी अपने आपको सुपर सीएम समझते है। वह हरियाणा सरकार और खासकर सीएम की कब्र तक खोदने में लगे है। ऐसा होने से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। भारत भूमि बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष रमेश दलाल ने कहा कि गांधीगिरी अपनाकर एक शांतिप्रिय आंदोलन को संकेत उनकी ओर से दिया जा रहा है। लेकिन, यदि उनकी मांग पूरी नहीं होती है तो फिर उन्हें दूसरा रास्ता जल्द ही अपनाना पड़ेगा।
हाईकोर्ट सहित उनकी कुल 17 मांगें हैं
रेल कारिडोर के लिए अधिग्रहित जमीन का मुआवजा दस करोड़ रूपये प्रति एकड़ के हिसाब से दिए जाने के अलावा मेट्रो विस्तार, हरियाणा की अलग हाईकोर्ट सहित उनकी कुल 17 मांगें है। जिनके लिए सीएम ने अधिकारियों की कमेटी बनाकर उसका समाधान करने के आदेश दिए थे। लेकिन तय अवधि के बीत जाने बावजूद उन पर अधिकारी कुंडली मारकर बैठे है और समाधान का रास्ता नहीं निकाल रहे है। उन्होंने चेताया कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की जाती है तो फिर आने वाले समय में किसान आर पार के आंदोलन की शुरुआत करेंगे।
जिसके तहत गुरुग्राम और दिल्ली के पानी की सप्लाई, राष्ट्रीय और रेल मार्गो को रोकना, हरियाणा के टोल टैक्स को फ्री करना और हरियाणा को एक दिन के लिए बंद करना इत्यादि शामिल है। इस अवसर पर बीजे प्रधान, ओम साहब मांडौठी, दिलबाग दलाल, नवीन मांडौठी, सोमबीर मांडौठी, सुजान सिंह, चिता पहलवान, बिजेंद्र मंडोरा, मांडौठी, महताब, नरेंद्र दहिया, अतर सिंह, जगदीश उर्फ जंगली, सरदारे जसौरखेड़ी, रोशनी देवी, कविता, पूनम दलाल, तनिष्का, मुस्कान, दर्शना आसौदा, बाला देवी, भरपाई, बिमला, सुमन, संतरा देवी, प्रीति आदि मौजूद रहे।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।