तारक मेहता का उल्टा चश्मा की अभिनेत्री क्यों हुई थी गिरफ्तार, पूछताछ में मुनमुन दत्ता ने बताई सच्चाई
अभिनेत्री मुनमुन दत्ता उर्फ बबीता जी को पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशानुसार खुद के खिलाफ थाना शहर हांसी में दर्ज अनुसूचित जाति व जनजाति अत्याचार अधिनियम के तहत दर्ज मुकदमे में जांच अधिकारी डीएसपी विनोद शंकर के समक्ष पेश हुई

जागरण संवाददाता, हांसी/हिसार। तारक मेहता का उल्टा चश्मा से मशहूर हुई अभिनेत्री मुनमुन दत्ता उर्फ बबीता जी खुद के खिलाफ थाना शहर हांसी में दर्ज अनुसूचित जाति व जनजाति अत्याचार अधिनियम के तहत दर्ज मुकदमे में जांच अधिकारी डीएसपी विनोद शंकर के समक्ष पेश हुई। जिसके बाद जांच अधिकारी डीएसपी विनोद शंकर ने उनको औपचारिक तौर पर गिरफ्तार किया। लगभग 4 घंटे तक उनसे अपने कार्यालय में पूछताछ की तथा पूछताछ करने के बाद आरोपी मुनमुन दत्ता को अंतरिम जमानत पर छोड़ दिया गया। मुनमुन दत्ता ने कहा कि उन्होंने वीडियो सूट के दौरान जिस शब्द का प्रयोग किया था, हकीकत में उसका अर्थ नहीं जानती थीं। बाद में उसके लिए उन्होंने खेद भी प्रकट किया था। पुलिस ने वीडियो शूट के दौरान प्रयोग किए गए फोन को भी बरामद किया है।
इस दौरान डीएसपी कार्यालय के बाहर मीडिया कर्मियों तथा मुनमुन दत्ता की एक झलक पाने को आतुर लोगों का जमावड़ा लग गया और पुलिस प्रशासन ने एहतियात के तौर पर एसपी कार्यालय में भारी पुलिस बल तैनात किया हुआ था। मुनमुन दत्ता खुद भी अपने साथ हाईकोर्ट की वकील व हाईकोर्ट के आदेश पर दो सुरक्षाकर्मियों व बाउंसरो के साथ डीएसपी कार्यालय पहुंची थी।
मुनमुन दत्ता के खिलाफ एससी एसटी एक्ट के तहत मुकदमा हांसी के दलित अधिकार कार्यकर्ता रजत कलसन ने 13 मई 2021 दर्ज कराया था। जिसके बाद मुनमुन दत्ता ने अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे को खत्म कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी तथा उस याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने 22 सितंबर 2021 को खारिज कर दिया था।
मुनमुन दत्ता की अग्रिम जमानत याचिका हिसार की एससी एसटी एक्ट के तहत स्थापित विशेष अदालत ने 28 जनवरी को खारिज कर दी थी जिसके बाद मुनमुन दत्ता ने अग्रिम जमानत के लिए पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट की शरण ली थी तथा पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के जज अवनीश झिंगन ने गत 4 फरवरी को मुनमुन दत्ता को हांसी में जांच अधिकारी के समक्ष पेश हो कर जांच में शामिल होने को कहा था। जांच अधिकारी को आदेश किए गए कि मुनमुन दत्ता को गिरफ्तार कर वह पूछताछ करने के बाद उसे अंतरिम जमानत पर छोड़ दिया जाए। इसके अतिरिक्त जांच अधिकारी को निर्देश दिए गए थे कि वे आगामी 25 फरवरी को जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट के समक्ष पेश करें।
मुनमुन दत्ता पर पिछले साल 9 जनवरी को यूट्यूब पर एक वीडियो जारी कर अनुसूचित जाति समाज के खिलाफ अभद्र व अपमान जनक टिप्पणी करने का आरोप है। जिसके बाद शिकायतकर्ता रजत कलसन ने 13 मई 2021 को मुनमुन दत्ता के खिलाफ थाना शहर हांसी में एससी एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। इससे पहले वह दलितों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह व फिल्म अभिनेत्री युविका चौधरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा चुके हैं तथा उन्हें भी हांसी पुलिस के समक्ष आकर जांच में शामिल होना पड़ा था तथा पुलिस ने उन्हें भी औपचारिक तौर पर गिरफ्तार पर अंतरिम जमानत पर छोड़ा था।
शिकायतकर्ता रजत कलसन ने कहा कहा कि एससी एसटी एक्ट में अंतरिम जमानत का प्रावधान नहीं है तथा उन्होंने पहले ही हांसी पुलिस द्वारा पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह को अंतरिम जमानत दिए जाने के हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है जिस पर जल्दी सुनवाई होने वाली है तथा मुनमुन दत्ता के मामले में भी वह हाईकोर्ट के मुनमुन दत्ता को अग्रिम जमानत दिए जाने के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट मैं याचिका दायर करेंगे।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।