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    आखिर क्यों घट रही है भारत में गधों की आबादी, अब नस्‍ल सुधार और बढ़ावे पर दिया जा रहा जोर

    By Manoj KumarEdited By:
    Updated: Mon, 18 Jul 2022 11:21 AM (IST)

    वर्ष 2007 से लेकर 2019 की गणना तक 61 प्रतिशत से अधिक गधों की आबादी में कमी आई है। इसका प्रमुख कारण इनका काम में न आना व कई स्थानों पर इनके मांस की सप्लाई भी सामने आ रही है। चीन में गधे के मांस का अधिक प्रयोग होता है।

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    भारत में गधों की आबादी कम हो रही है और अब इसे बढ़ाने पर ध्‍यान केंद्रीत हो रहा है

    जागरण संवाददाता, हिसार। भारत में लगातार गधों की आबादी में कमी देखी जा रही है। कभी आने जाने और सामान ढोने के लिए बहुतायात में प्रयोग होने वाले गधे अब व्यापार में चलन से बाहर हो रहे हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2007 से लेकर 2019 की गणना तक 61 प्रतिशत से अधिक गधों की आबादी में कमी आई है। इसका प्रमुख कारण इनका काम में न आना व कई स्थानों पर इनके मांस की सप्लाई भी सामने आ रही है। चीन में गधे के मांस का अधिक प्रयोग होता है।

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    यहां गधे की मांस व हड्डियों से कई दवाएं बनाई जाती हैं। पिछले दिनों ब्रुक इंडिया द्वारा इस मामले पर पड़ताल की गई तो हकीकत सामने भी आई थी। जिसमें आंकड़े काफी चौकाने वाले थे। सबसे अधिक गधों की संख्या उत्तर प्रदेश, राजस्थान और गुजरात में कम हुई है। यही कारण है कि गधों की कम होती संख्या को लेकर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद कई देसी नस्लों को बढ़ावा दे रहा है। लोगों को गधों की उपयोगिता उनसे मिलने वाले उत्पादों की जानकारी दी जा रही है।

    हालांकि गधी का दूध करीब 7000 हजार रुपये लीटर बिकता है। इसमें पोषक तत्‍व बहुत ज्‍यादा होते हैं और इस दूध से महंगे ब्‍यूटी प्रोडेक्‍ट बनते हैं। बताया जाता है कि ब्रिटेन की महारानी भी गधी के दूध से स्‍नान करती है। पुरानी कथा कहानियों में भी सुंदरता के लिए गधी के दूध को प्रयोग करने के किस्‍से सुनाई देते रहे हैं। गधी के दूध से पाचन क्रिया को भी ठीक किया जा सकता है।

    इस तरह से घट रही देश में गधों की आबादी

    वर्ष 2007 में हुई गणना के हिसाब से देश में गधों की आबादी- 4.4 लाख

    वर्ष 2012 में हुई गणना के हिसाब से देश में गधों की आबादी- 3.2 लाख

    वर्ष 2019 की गणना के हिसाब से देश में गधों की आबादी- 1.2 लाख

    61 प्रतिशत भारत में कम हो गए गधे (वर्ष-2012 से 2019 के बीच)

    विभिन्न राज्याें किस प्रकार घटी गधों की आबादी

    आंध्रप्रदेश में गधों की आबादी में 53.22 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

    राजस्थान में वर्ष 2012-2019 के बीच गधों की आबादी में 71.31 प्रतिशत कमी आई

    गुजरात में 70.94 प्रतिशत  कम हुई गधों की आबादी

    उत्तर प्रदेश में 71.72 प्रतिशत कम हुई गधों की आबादी

    बिहार में 47.31 प्रतिशत कम हुई गधों की आबादी

    नोट- यही कारण है कि गधों को संरक्षित करने के लिए उनकी उपयोगिता पर शोध किए जा रहे हैं।