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अंबाला रेलवे स्टेशन से मिले 6 लावारिस बच्चे, आरपीएफ की मदद से रेलवे चाइल्ड टीम ने किया रेस्क्यू

अंबाला रेलवे स्टेशन के बाहर पुल के नीचे बैठे माता-पिता के लिए ठंडा पानी लेने आए भाई-बहन रास्ता भूल गए और वह स्टेशन पर ही काफी देर तक घूमते रहे। जब आरपीएफ ने बच्चों को देखा तो इसकी जानकारी रेलवे चाइल्ड टीम को दी।

By Naveen DalalEdited By: Sat, 14 May 2022 08:23 PM (IST)
अंबाला रेलवे स्टेशन से मिले 6 लावारिस बच्चे, आरपीएफ की मदद से रेलवे चाइल्ड टीम ने किया रेस्क्यू
चार बच्चे रेलवे स्टेशन पर लगे एस्कलेटर से रेस्क्यू किए गए थे।

अंबाला, जागरण संवाददाता। अंबाला स्टेशन पर घूम रहे 6 लावारिस बच्चों को शनिवार सुबह राजकीय रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की मदद से रेलवे चाइल्ड टीम ने रेस्क्यू किया। इसमें चार भाई-बहन एस्कलेटर से और दो भाई-बहन रेलवे परिसर से संरक्षण में लिए गए। बच्चों की काउंसलिंग के दौरान स्वजनों की जानकारी हासिल की गई। चार बच्चों के परिजन रामबाग रोड पर शनिदेव मंदिर से और दो बच्चों के परिजन रेलवे स्टेशन के बाहर पुल के नीचे से मिले।

चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 की जानकारी दी

रेलवे चाइल्ड टीम में मौजूद कुलबीर, विपिन और सुनीता ने बच्चों के परिजनों को जागरूक करते हुए बताया कि कभी भी बच्चों को अकेले रेलवे स्टेशन पर न भेजें। उनके साथ कभी भी कोई हादसा हो सकता है। वहीं उन्होंने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 की जानकारी भी दी ताकि समय रहते बच्चों तक मदद पहुंच सके।

एस्कलेटर पर खेल रहे थे चार बच्चे

चार बच्चे रेलवे स्टेशन पर लगे एस्कलेटर से रेस्क्यू किए गए थे। राजकीय रेलवे सुरक्षा बल की सब इंस्पेक्टर निशा को यह बच्चे मिले थे। एसआई ने बच्चों की जानकारी रेलवे चाइल्ड टीम को दी। संरक्षण में लेने के बाद चाइल्ड टीम ने मौके पर पहुंच बच्चों को संरक्षण में लिया। काउंसलिंग के दौरान टीम ने बच्चों को छावनी के आधा दर्जन क्षेत्रों में घुमाया। लेकिन वह जानकारी नहीं दे पाए। काफी दौड़धूप के बाद टीम जब रामबाग रोड पर पहुंची तो बच्चों ने जगह को पहचान लिया। उन्होंने बताया कि शनि मंदिर के पास झुग्गी-झौपड़ी में स्वजन रहते हैं। टीम ने कागजी कार्रवाई के बाद बच्चे स्वजनों के सुपुर्द कर दिए।

ठंडा पानी लेने आए बच्चे भूले रास्ता

रेलवे स्टेशन के बाहर पुल के नीचे बैठे माता-पिता के लिए ठंडा पानी लेने आए भाई-बहन रास्ता भूल गए और वह स्टेशन पर ही काफी देर तक घूमते रहे। जब आरपीएफ ने बच्चों को देखा तो इसकी जानकारी रेलवे चाइल्ड टीम को दी। बच्चे काफी डरे-सहमे हुए थे। काउंसलिंग के दाैरान बच्चों ने बताया कि वह रेलवे स्टेशन के बाहर ही रहते हैं। लेकिन रास्ता भूल गए हैं। टीम सदस्य तुरंत दोनों बच्चों को साथ लेकर पुल के नीचे पहुंची और कुछ देर की भागदौड़ के बाद पुल के नीचे ही बच्चों के स्वजन मिल गए। बच्चों के पिता राकेश कुमार ने बताया कि ठंडे पानी की जरूरत थी। इसलिए बच्चों को रेलवे स्टेशन भेज दिया था जोकि काफी देर तक नहीं लौटे। उन्हें ढूंढने के लिए वह स्टेशन पर भी गया, लेकिन बच्चों की जानकारी नहीं मिली। पिता ने रेलवे चाइल्ड टीम को भरोसा दिया कि वह दोबारा बच्चों को अकेले कहीं नहीं भेजेगा। इसके बाद बच्चे स्वजनों के सुपुर्द कर दिए गए।