हिसार, जेएनएन। कृषि कानूनों को रद कराने की मांग को लेकर जारी आंदोलन के बीच शनिवार को दो और किसानों की मौत हो गई है। एक किसान की बहादुरगढ़ में तो दूसरे की हिसार के बरवाला में मौत हुई है। बरवाला में किसान की अचानक मौत होने से ट्रैक्टर मार्च को बीच में ही समाप्त कर दिया गया।

जानकारी के अनुसार, बहादुरगढ़ में जान गंवाने वाले किसान की पहचान पंजाब के मुक्तसर जिले के भिटीवाला के रहने वाले 35 वर्षीय बोहर सिंह के तौर पर हुई है। बहादुरगढ़ में छह दिनों में यह चौथी मौत है। इस घटना को मिलाकर आंदोलन से जुड़े 17 लोग यहां पर अपनी जान गंवा चुके हैं। मृतक बोहर सिंह शहर थाना एरिया में बाईपास पर नजफगढ़ रोड फ्लाई ओवर के पास ठहरा हुआ था।

रात को ठीकरी पहरा दिया, सुबह सोया तो दोबारा न जागा

बताया जा रहा है कि रात को बोहर सिंह की ड्यूटी पहरे पर लगी थी। सुबह 4 बजे तक जाग रहा था। उसके पड़ोसी गांव भोलरवाला के जोगेंद्र सिंह ने बताया कि करीब 1:30 बजे उसकी बोहर सिंह से बात हुई थी। वह कह रहा था कि उसे हिचकी आ रही है। पहरा देकर सोया था इसलिए किसी ने जगाया नहीं। मगर जब देर तक नहीं उठा और कोई हलचल नहीं दिखी तो साथ रह रहे किसान उसे जगाने पहुंचे, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। उसका एक बेटा है। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। टीम पहुंच गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेजा गया।

मृतकों के परिवार मांग रहे मुआवजा और सरकारी नौकरी

जांच अधिकारी ने बताया कि मृतक बोहर सिंह के परिवार के लोगों को सूचना दी गई है। उनके यहां पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। उधर, शुक्रवार को 83 वर्षीय किसान जगीर सिंह की मौत हो गई थी। शनिवार को स्वजनों के यहां पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम करवाया गया। अब तक हुई मौत के सभी मामलों में पीड़ित परिवारों की ओर से सरकार से मुआवजा व सरकारी नौकरी की मांग की जा रही है।

ट्रैक्टर मार्च में हृदय गति रुकने से किसान की मौत 

हिसार के बरवाला में किसान संगठनों ने ट्रैक्टर रैली निकाली। यह ट्रैक्टर रैली बॉडो टोल प्लाजा से शुरू होकर जब बरवाला में एसडीएम कार्यालय पर पहुंची, उसी समय एक गाड़ी में बैठे हुए एक किसान की हृदय गति रुकने से अचानक मौत हो गई। मृतक किसान का नाम जेवरा गांव निवासी ज्ञानीराम बताया गया है। जानकारी के अनुसार ज्ञानीराम अपने गांव के अन्य साथियों के साथ किसान आंदोलन में भाग लेने के लिए आया हुआ था। अचानक किसान की मौत होने के कारण किसान संगठनों ने दो मिनट का मौन धारण करते हुए इस ट्रैक्टर रैली के आंदोलन को बीच में ही समाप्त कर दिया और अपने घरों को रवाना हो गए।

पुलिस ने किए थे कड़े बंदोबस्त

ट्रैक्टर मार्च को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए थे। एसडीएम कार्यालय और आसपास एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात किया गया था। इस ट्रैक्टर रैली में छान, बनभौरी, संदलाना, सरहेड़ा, सरसोद, बिचपड़ी, जेवरा, खरक पुनिया के अलावा बरवाला के हांसी रोड, जींद रोड, हिसार रोड व टोहाना रोड आदि सभी गांवों से किसान ट्रैक्टरों के साथ शामिल हुए।

Edited By: Umesh Kdhyani