हांसी [मनप्रीत सिंह] नए साल पर लोगों को नए तोहफे सुविधा के तौर पर मिलेंगे। हांसी-महम-रोहतक रेल लाइन प्रोजेक्ट अपने अंतिम चरण में है व 2021 में रेलवे ट्रेक पर रेलगाड़ी की छुक-छुक शुरु हो जाएगी। इस साल जून महीने में रेल लाइन बिछाने का कार्य पूरा करने की डेडलाइन तय की गई है। 68.5 कि.मी लंबी इस बहुप्रतिक्षित रेल लाइन का राज्य के एक बड़े हिस्से को फायदा होगा। इसके बाद हिसार व सिरसा जिले का रेल संपर्क सीधे देश की राजधानी दिल्ली से जुड़ जाएगा। रेल लाइन का ये प्रोजेक्ट 114 महीने देरी से चल रहा है और 211 फीसद लागत बढ़ गई है, लेकिन वर्तमान में प्रजेक्ट का 85 फीसद काम पूरा हो चुका है।

--जींद-हांसी रेलवे लाइन पर इस साल शुरू हो सकता है काम

जींद : जींद से हिसार के बीच रेलवे कनेक्टिंग को लेकर जींद-हांसी रेलवे लाइन की डीपीआर(डिटेल प्रोजक्ट रिपोर्ट) तैयार हो चुकी है। डीपीआर को फाइनल मंजूरी मिलते ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। इस रेलवे लाइन पर करीब 824 करोड़ की लागत आएगी। 49 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन पर 6 रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे। ईंटल कलां में क्रासिंग राजपुरा हॉल्ट, नारनौंद में क्रासिंग, माढा में हॉल्ट, खेड़ी गगन में क्रासिंग और शेखपुरा में हॉल्ट बनेंगे। इसके अलावा 2 रेलवे ओवर ब्रिज, 38 रेलवे अंडरपास, 5 बड़े पुल तथा 45 छोटे पुल बनाए जाएंगे। रेलवे लाइन बिछाने में प्रति किलोमीटर 1513 लाख रुपये खर्चा आएगा। रेलवे लाइन बिछाने में कुछ खर्चा 8242768518 रुपये आने का अनुमान है। रेलवे लाइन बिछने के बाद 130 किलोमीटर प्रतिघंटा की तरफ्तार से दौड़ेगी। 3 साल में यह बनकर तैयार होगी। हालांकि इसमें थोड़ा-बहुत बदलाव हो सकता है। रेलवे के एडीईएन ने बताया कि जींद-हांसी रेलवे लाइन प्रोजेक्ट की डीपीआर सरकार के पास अप्रूवल भेजी गई है। सरकार की तरफ से अप्रूवल के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा। उसके बाद ही टेंडर जारी होंगे।

--जींद-गोहाना ग्रीनफील्ड हाइवे से दिल्ली की दूरी होगी कम

जींद से गोहाना तक ग्रीनफील्ड नेशनल हाईवे 352ए का निर्माण कार्य नए साल में रफ्तार पकड़ेगा। एनएचएआई ने इस प्रोजेक्ट का टेंडर अलॉट कर दिया है। यह हाइवे जींद-गोहाना रोड के पैरलल खेतों की जमीन का अधिग्रहण करके बनाया जा रहा है। अगस्त 2022 तक यह बनकर तैयार हो जाएगा। इसके निर्माण पर 581 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस हाइवे के लिए 60 मीटर चौड़ी जमीन का अधिग्रहण किया गया है। शुरुआत में यह फोरलेन बनेगा, बाद में इसे सिक्स लेन या आठ लेन का बनाया जा सकता है। गोहाना से आगे सोनीपत तक जो सड़क अस्तित्व में है, उसे ही फोरलेन किया जाएगा। लेकिन रास्ते में जो गांव हैं, उनके ऊपर से बाईपास निकाले जाएंगे ताकि कहीं भी ब्रेक लगाने की जरूरत न पड़े। यह हाइवे बनकर तैयार होने से जींद से दिल्ली की दूरी कम हो जाएगी।

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