जागरण संवाददाता, हिसार : चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केंद्र सदलपुर द्वारा गांव गंगवा व सातरोड के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में स्कूल स्तरीय जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों का आयोजन इन सीटू क्रॉप रेजिडू मैनेजमेंट परियोजना के तहत फसल अवशेष प्रबंधन विषय पर किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र सदलपुर के संयोजक डा. नरेंद्र कुमार ने बताया कि इस दौरान फसल अवशेष प्रबंधन विषय को लेकर स्लोगन लेखन व पेंटिग प्रतियोगिताएं आयोजित कराई गई जिसमें करीब 200 बच्चों ने हिस्सा लिया। इन प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर आने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। डा. नरेंद्र कुमार ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र जिले में भूसा प्रबंधन व भूसा प्रबंधन की मशीनों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न गांवों में काम कर रहा है और अब 200 एकड़ में अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन भी लगाए गए है। समय-समय पर इस तरह के स्कूल व कॉलेज के बच्चों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान व उसके प्रबंधन के बारे में जागरूक करने के लिए इस तरह के आयोजन किए जाते हैं। इसी के तहत उक्त दो स्कूलों में इन कार्यक्रमों को आयोजित किया गया। केंद्र के विशेषज्ञ इंजीनियर अजीत सांगवान ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि पराली को जमीन में मिलाकर भूमि को और अधिक उपजाऊ बनाने कि जरूरत है। उन्होंने कहा कि पराली जलाना किसी भी सूरत में फायदेमंद नहीं है। पराली जलाने से सूक्ष्म जीव व मित्र कीट नष्ट होते हैं जिसकी भरपाई करना बहुत ही मुश्किल है। उन्होंने पराली को जमीन में मिलाने के लिए उपयुक्त मशीनें जैसे रोटावेटर, हैप्पी सीडर, जीरो ड्रिल, बेलर, सुपर सीडर, कंबाइन मशीनें आदि के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी। इन कार्यक्रमों में स्कूल के स्टाफ सदस्य व विद्यार्थी मौजूद रहे।

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