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    बवासीर ना हो इसके लिए फास्ट फूड आज ही कर दें बंद, कई मरीजों की आंत हो चुकी खराब

    By Manoj KumarEdited By:
    Updated: Sat, 20 Nov 2021 12:14 PM (IST)

    आलस भरा लाइफस्टाइल होना जैसे देर से उठाना देर से सोना अधिक काल्ड ड्रिंक पीना सलाद न खाना लंबे समय तक कब्ज बने रहना आदि कारणों से भी बवासीर होती है। डा. संजीव ने बताया कि आज के समय में युवा फास्‍ट फूट बहुत खाते हैं

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    फास्‍ट फूड खाने से बवासीर की समस्‍या खड़ी हो सकती है

    जागरण संवाददाता, हिसार: लंबे समय तक बैठकर काम करने से, फास्ट फूड अधिक खाने से और एक्सरसाइज न करने से बवासीर हो सकती है। अगर इसका समय पर इलाज न करवाया जाए तो यह खतरनाक साबित हो सकती है। इसलिए बवासीर का समय पर इलाज जरुरी है। यह कहना है आर्य नगर स्थित जनता अस्पताल के डाक्टर संजीव भाटिया का। डा. संजीव भाटिया ने बताया कि आज के समय में लोग फास्ट फुड अधिक खा रहे है। बवासीर होने का यह सबसे बड़ा कारण है।

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    वहीं आलस भरा लाइफस्टाइल होना जैसे देर से उठाना, देर से सोना, अधिक काल्ड ड्रिंक पीना, सलाद न खाना, लंबे समय तक कब्ज बने रहना आदि कारणों से भी बवासीर होती है। डा. संजीव ने बताया कि आज के समय में युवा चार से पांच हाट डाग, बर्गर एक दिन में खा जाते है। लेकिन इनका दुष्प्रभाव उनके शरीर पर पड़ता है। डा. संजीव ने बताया कि उनके पास हाल ही में बवासीर के चार से पांच मरीज ऐसे आए है जो एक दिन में चार से पांच बर्गर खाते थे और उनकी आंत अब पूरी तरह से खराब हो चुकी है।

    बवासीर के लक्षण और कारण -

    - बवासीर होने पर शौच में ब्लड आने लगता है।

    - खून के साथ मस्से बाहर आने लगते है।

    - पेट में अफारा रहना और गैस बनने लगती है।

    - शौच करने के दौरान अधिक समय तक बैठे रहने से बवासीर होती है।

    - शौच की जगह पर दर्द या खुजली महसूस होने लगती है।

    बचाव के लिए यह करें -

    डा. संजीव भाटिया ने बताया कि बवासीर से बचाव के लिए फास्ट फूड से दूर रहें। वहीं खाने में सलाद, हरी सब्जियां, पपीता, मूली, गाजर का नियमित रूप से सेवन करें। इसके अलावा चाय का अधिक सेवन ना करें। फाइबर वाले फ्रुटस और सब्जियां अधिक खानी चाहिए, जैसे सेब, तरबूज, खीरा ले सकते है। फाइबर वाले फ्रुटस पेट से विषैलापन दूर कर देते है और मल के द्वारा सारे शरीर से हानिकारक चीजों को शरीर से बाहर निकाल देते है। वहीं खाना खाने के कम से कम दो घंटे बाद ही सोना चाहिए। सुबह और शाम को टहलना चाहिए, ताकि शरीर स्वस्थ रहे।