उधम सिंह शहीदी दिवस पर प्रदेशस्तरीय कार्यक्रम शुरु, हरियाणा सीएम की जगह शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर पहुंचे
फतेहाबाद में शहीद उधम सिंह के शहीदी दिवस पर रतिया में प्रदेशस्तरीय कार्यक्रम शुरु हो गया है। कार्यक्रम में पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल को बतौर मुख्यातिथि शिरकत करना था लेकिन चंडीगढ़ में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के कार्यक्रम के चलते कार्यक्रम रद करना पड़ा।

फतेहाबाद, जागरण संवाददाता। फतेहाबाद में शहीद उधम सिंह के शहीदी दिवस पर रतिया में प्रदेशस्तरीय कार्यक्रम शुरु हो चुका है और कार्यक्रम के मुख्यातिथि शिक्षामंत्री कंवर पाल गुर्जर भी मंच पर पहुंच चुके हैं। उनके साथ डेरा भूमणशाह के गद्दीनशीन बाबा ब्रहमदास, कैबिनेट मंत्री देवेंद्र सिंह बबली, सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन सुभाष बराला, सिरसा की सांसद सुनीता दुग्गल, जजपा प्रदेशाध्यक्ष निशान सिंह और रतिया के विधायक लक्ष्मण नापा के अतिरिक्त पूर्व मंत्री कर्णदेव कंबोज भी मंच पर मौजूद हैं।
हरियाणा सीएम का दौरा हुआ रद
फतेहाबाद के विधायक दुड़ाराम पारिवारिक कार्यक्रम के चलते दिल्ली में होने के कारण इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके हैं। इस कार्यक्रम में पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल को बतौर मुख्यातिथि शिरकत करना था, लेकिन चंडीगढ़ में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के कार्यक्रम के चलते उन्हें ऐन मौके पर इस कार्यक्रम में शामिल होने का कार्यक्रम रद करना पड़ा और उनकी जगह पर शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर मुख्यातिथि के तौर पर इस कार्यक्रम में शामिल हुए हैं।
हेलीकाप्टर में पहुंचे हैं कैबिनेट मंत्री देवेंद्र सिंह बबली, स्टेज पर बराला से नहीं हुई दुआ-सलाम
टोहाना से विधायक एवं प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री देवेंद्र सिंह बबली हेलीकाप्टर से रतिया पहुंचे हैं। उनके साथ जजपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र लेगा भी मौजूद थे। वो हेलीपेड से सीधा कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और मुख्यातिथि कंवरपाल गुर्जर और बाबा ब्रह्रमदास से मिलने के बाद अपनी सीट पर आ विराजे। बाबा ब्रहमदास के एक और कंवरपाल गुर्जर, सुभाष बराला, रतिया विधायक लक्ष्मण नापा, पूर्व मंत्री कर्णदेव कंबोज व कृष्ण बेदी बैठे हैं जबकि दूसरी ओर जजपा प्रदेशाध्यक्ष निशान सिंह, सांसद सुनीता दुग्गल व मंत्री बबली मौजूद हैं।
सुभाष बराला और देवेंद्र सिंह बबली के बीच छत्तीस का आंकड़ा किसी से छिपा नहीं है और उसका असर इस कार्यक्रम में भी देखने को मिला। स्टेज पर आने के बाद एक ही स्टेज पर होन के बावजूद देवेंद्र बबली और सुभाष बराला के बीच बातचीत तो छोडिय़े, दुआ सलाम तक नहीं हुई।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।