जागरण संवाददाता, सिरसा : हिंदू धर्म में नवरात्रों का बहुत बड़ा महत्व है। शारदीय नवरात्रि के इस समय में नौ दिनों के लिए मां दुर्गा को अपने घर में स्थापित किया जाता है। मां दुर्गा के नाम की अखंड ज्योति रखी जाती है। इस दौरान लोग मां दुर्गा की विधि विधान से पूजा करते हैं। नवरात्रि के इस पर्व के दौरान नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है।

हिंदू पंचांग के अनुसार अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को शारदीय नवरात्रि का आरंभ होता है। इस बार नवरात्रि का त्योहार 26 सितंबर, सोमवार से शुरू होगा। नवरात्रि के पहले दिन में घटस्थापना की जाती है। प. नीरज भारद्वाज ने बताया कि नवरात्रि में मां की अराधना से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। यश, वैभव बढ़ता है और शत्रुओं का शमण होता है।

व्रत रखने का विशेष महत्‍व

नवरात्र के दौरान पूजा करने से तो लाभ मिलता ही है, वहीं व्र‍त रखने से भी विशेष फल मिलता है। व्रत रखने से स्‍वास्‍थ्‍य भी बेहतर रहता है। हालांकि इन दिनों में कुट्टू के आटे की रोटी खाने पर सावधानी बरतें। क्‍योंकि हर बार कुट्टू के आटे की रोटी खाने से फूड प्‍वाइजनिंग के केस सामने आते हैं।

नवरात्रि घट स्थापना विधि क्या है और इसका शुभ मुहूर्त क्या है

अश्विन घट स्थापना सोमवार, सितंबर 26, 2022 को

घट स्थापना मुहूर्त - सुबह छह बजकर 28 मिनट से आठ बजकर एक मिनट तक

अवधि - एक घटा 33 मिनट्स

घटस्थापना अभिजीत मुहूर्त : शाम 12 बजकर 06 मिनट से शाम 12 बजकर 54 मिनट तक

नौ दिन यूं होगी देवी के नौ रूपों की पूजा

प्रतिपदा (मां शैलपुत्री): 26 सितम्बर 2022

द्वितीया (मां ब्रह्मचारिणी): 27 सितम्बर 2022

तृतीया (मां चंद्रघंटा): 28 सितम्बर 2022

चतुर्थी (मां कुष्मांडा): 29 सितम्बर 2022

पंचमी (मां स्कंदमाता): 30 सितम्बर 2022

षष्ठी (मां कात्यायनी): 01 अक्टूबर 2022

सप्तमी (मां कालरात्रि): 02 अक्टूबर 2022

अष्टमी (मां महागौरी): 03 अक्टूबर 2022

नवमी (मां सिद्धिदात्री): 04 अक्टूबर 2022

दशमी (मां दुर्गा प्रतिमा विसर्जन): 5 अक्टूबर 2022

Edited By: Manoj Kumar