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    सत्यपाल मलिक रोहतक में बोले- नरेंद्र मोदी जब सीएम थे तो खरा सोना थे, दिल्‍ली में आकर पता नहीं क्‍या हो गया

    By Manoj KumarEdited By:
    Updated: Fri, 09 Sep 2022 03:57 PM (IST)

    राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि 2024 में चुनाव होने हैं और उस पार्टी के नेता को वोट देने हैं जो किसानों के हित के लिए काम करेगी। उन्होंने सीधे-सीधे भाजपा पर कटाक्ष किया। उन्होंने लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि अब जागने का समय आ चुका है

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    मेघालय के राज्‍यपाल सत्‍यपाल मलिक ने कहा कभी भी शुरू हो सकता है किसान आंदोलन

    जागरण संवाददाता, रोहतक। मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने रोहतक में पत्रकारों से बाचतीत की। उन्‍होंने कहा कि लंबे समय तक किसान दिल्ली के बॉर्डर पर अपनी मांगों को लेकर बैठे रहे, लेकिन दिल्ली में बैठे लोगों को उनकी मांगें जायज नहीं लगी। आखिर में तीन कृषि कानूनों को रद करना पड़ा, जो मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पहले ही अवगत करा चुका था। सत्यपाल मलिक ने कहा कि किसानों के साथ आज भी अन्याय हो रहा है। उनको किसानों की फसल का मूल्य भी नहीं मिल रहा और उनको खेती करने के लिए सरकार मदद भी नहीं कर रही है। किसान आंदोलन फिर से किसी भी वक्‍त शुरू हो सकता है।

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    राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि 2024 में चुनाव होने हैं और उस पार्टी के नेता को वोट देने हैं, जो किसानों के हित के लिए काम करेगी। उन्होंने सीधे-सीधे भाजपा पर कटाक्ष किया। उन्होंने लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि अब जागने का समय आ चुका है और मुझे उम्मीद है कि हरियाणा के लोग जागरूक हैं और जाग जाएंगे।

    उन्होंने देश की शिक्षा प्रणाली पर भी सवाल खड़े किए और क्वालिटी एजुकेशन पर जोर देने का आह्वान किया। खासकर महिला शिक्षा पर जोर दिया। उन्होंने बिहार में अपने राज्यपाल कार्यकाल के दौरान का जिक्र करते हुए कहा कि वहां पर पैसे लेकर डिग्रियां बेची जा रही थी, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता कम हुई। मेघालय के राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अडानी और अंबानी का दोस्त बताया और उनको आर्थिक मदद करने के आरोप भी लगाए।

    साथ ही उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अच्छे इंसान है, लेकिन दिल्ली में आकर पता नहीं उनको क्या हो गया जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो खरा सोना थे। मेघालय के राज्यपाल ने कहा कि सांप्रदायिक ताकतों से ऊपर उठकर समझदारी के साथ चुनाव में मतदान करने की जरूरत है, ताकि एक ऐसी सरकार बनाई जा सके, जो किसान बेरोजगारी महंगाई को लेकर अच्छे काम कर सके।