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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 26, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

डोभी में चरित्र पर शक को लेकर सिपाही ने शिक्षिका पत्नी और इकलौते बेटे को कुल्हाड़ी से काटकर मार डाला

By JagranEdited By:
Published: Fri, 26 Jul 2019 09:38 AM (IST)Updated: Sat, 27 Jul 2019 06:36 AM (IST)

हिसार डोभी गांव में बुधवार की रात को 28 वर्षीय सुनीता और उसके तीन वषी

डोभी में चरित्र पर शक को लेकर सिपाही ने शिक्षिका पत्नी और इकलौते बेटे को कुल्हाड़ी से काटकर मार डाला
डोभी में चरित्र पर शक को लेकर सिपाही ने शिक्षिका पत्नी और इकलौते बेटे को कुल्हाड़ी से काटकर मार डाला

जागरण संवाददाता, हिसार : डोभी गांव में बुधवार की रात को 28 वर्षीय सुनीता और उसके तीन वर्षीय बेटे निखिल की कुल्हाड़ी से गले पर वार करके हत्या कर दी। सुनीता गांव में ही एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षिका थी। उसकी हत्या चरित्र पर संदेह को लेकर की गई है। सदर थाना पुलिस ने मृतका के सिपाही पति साहबराम, जेठ सतबीर सिंह और ननद विनोद और ननदोई के खिलाफ हत्या और आपराधिक षडयंत्र रचने का केस दर्ज किया है।

पनिहार चक्क गांव के अनिल कुमार ने बताया कि उसके चाचा जगदीश भिवानी में एएसआइ के पद पर तैनात हैं। चचेरी बहन सुनीता की शादी गांव डोभी निवासी साहबराम के साथ हुई थी और उसका तीन साल का एक बेटा निखिल था। साहबराम फतेहाबाद में दुर्गा शक्ति टीम में सिपाही के पद पर तैनात है। पनिहार के अजय ने पुलिस को बयान देकर कहा कि साल 2013 में उसकी बहन सुनीता की शादी डोभी के साहब राम और ताऊ की बेटी मीनू की शादी साहबराम के बड़े भाई सतबीर के साथ की थी। शादी के बाद ननद विनोद और ननदोई सोनू शादीशुदा जिदगी में अनावश्यक हस्तक्षेप करते थे। इसी वजह से एक साल बाद ही मीनू का पति से तलाक हो गया था। उसके बाद सतबीर की शादी नहीं हुई। इसी रंजिश में जेठ सतबीर, पति साहबराम, ननद विनोद और ननदोई सोनू ने सुनीता को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था। वे सुनीता के चरित्र पर शक करते थे। अजय ने बताया कि बुधवार को दिन में 2 बजे सुनीता ने मेरी पत्नी पूनम के पास फोन कर बताया था कि ससुराल वाले मेरी हत्या की साजिश रच रहे हैं। पूनम ने यह बात बताई तो परिजनों ने परिवार का आपस का मामला बताकर उसे अनदेखा कर दिया। पूनम ने रात को सुनीता से फोन पर बात करनी चाही, मगर बात नहीं हुई। वीरवार को सुबह साहब राम ने फोन कर बताया कि कल से सुनीता यहां नहीं है। आपके पास आई है क्या।

अजय ने बताया कि वह और उसके ताऊ का बेटा अनिल अनहोनी की आशंका मानकर बाद में डोभी गए। वहां सुनीता की सास शांति से बहन के बारे में पूछा। मगर उन्होंने सुनीता को लेकर अनभिज्ञता जताई। उसके बाद हमारी नजर जेठ के कमरे के दरवाजे के नीचे फर्श पर पड़ी। अंदर से खून बह रहा था। दरवाजे पर ताला लगा था। उन्होंने फौरन ताला तोड़ दिया। सामने का नजारा देखकर वे हैरान रह गए। फर्श पर बहन सुनीता और इकलौते भांजे निखिल का शव पड़ा था। वहां खून बिखरा हुआ था। पास में खून से सनी कुल्हाड़ी पड़ी थी। दोनों की कुल्हाड़ी से गला काटकर हत्या की गई। सदर थाना पुलिस ने मृतका के पति साहब राम, जेठ सतबीर सिंह, ननद विनोद और ननदोई सोनू के खिलाफ हत्या और आपराधिक षडयंत्र रचने का केस दर्ज किया है।

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डीएसपी और फिगर प्रिट एक्सपर्ट ने की जांच

वारदात की सूचना मिलने पर डीएसपी अमरजीत सिंह, फिगर प्रिट एक्सपर्ट डा. अजय कुमार, एसएचओ मनोज कुमार और बालसमंद चौकी प्रभारी अजय अत्री मौके पर पहुंचे। पुलिस की टीम ने वारदातस्थल की बारीकी से जांच की। पुलिस कर्मियों ने डबल मर्डर को लेकर गांव के कुछ लोगों से पूछताछ की। उसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल में लाया गया।