हिसार, जेएनएन। दुष्‍कर्म के केस आमतौर पर सामने आते रहते हैं। मगर सोचिए अगर दो साल तक किसी महिला को तहखाने में रखा जाए और रोज उसकी अस्‍मत लूटी जाए तो क्‍या बीतती होगी। ऐसा ही एक महिला के साथ हुआ और वो रोज मर मर की जीती रही। महिला को सिरसा के कालांवाली के एक गांव में दो साल तक बंधक बनाकर बंद कमरे में रखा गया। वह किसी तरह छूटकर भाग आई। उसने छह लोगों पर साजिश रचने और एक पर दुष्कर्म करने का आरोप का आरोप लगाया है। परिजनों ने उसे सिविल अस्पताल में दाखिल कराया है। घटना के समय महिला वजन 90 किलो था जो अब केवल 32 किलो रह गया है। पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।

36 वर्षीय महिला ने बताया कि वह झारखंड की रहने वाली है। उसकी शादी 19 साल पहले यहां के युवक के साथ हुई थी। उसके पति की यह दूसरी शादी है। हमारे दो बच्चे हैं। महिला ने बताया कि वह 29 अगस्त 2017 को घर से दवा लेने मॉडल टाउन के एक अस्पताल में गई थी। उसे वहां पति की परिचित एक महिला मिली। उसने उसे नशीली चाय पिलाई थी। उसे इतना याद है कि तब उसे एक ऑटो रिक्शा में बिठाया गया था। उसके बाद उसे होश आया तो वह एक तहखाने में बंद थी।

वहां एक युवक दरवाजे का ताला खोलकर अंदर आता था और उससे दुष्कर्म करता था। यहीं नहीं दूसरा युवक छेड़छाड़ करता था। वह घर एक खेत में था और वहां परिवार रहता था। उसने उनसे छोडऩे की खूब मिन्नतें की, मगर उसे छोड़ा नहीं गया। महिला ने बताया कि उसे अपने बच्चों और पति की खूब याद आती थी। उसने चार बार पहले भागने का प्रयास किया, मगर चारों बार पीछा कर उसे पकड़ लिया गया।

चारों बार उसकी जमकर पिटाई की गई थी। उसके गले, पेट और शरीर के दूसरे अंगों पर चोट के निशान हैं। अब वह किसी तरह आधी रात को ढाणी से निकलकर खेतों में छुपते हुए कालांवाली के रेलवे स्टेशन पर पहुंची और ट्रेन में सवार होकर यहां हिसार आई। महिला ने बताया कि उसे नशे की गोलियां खिलाकर रखा जाता था।

 

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