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    41 दिन तक झज्जर के महंत परमानंद गिरी महाराज ने धारण किया मौन, साधना देख लोग हैरान

    By Rajesh KumarEdited By:
    Updated: Mon, 27 Jun 2022 04:31 PM (IST)

    झज्जर के नगर खेड़ा मंदिर के महंत परमानंद गिरी महाराज का 41 दिन का मौन व्रत हुआ संपूर्ण। जन कल्याण की मन में इच्छा रखते हुए धारण किया था मौन। सुर्खपुर रोड़ स्थित आश्रम में रहकर सर्व समाज की मंगल कामना के लिए की तपस्या।

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    झज्जर के नगर खेड़ा मंदिर के महंत परमानंद गिरी महाराज।

    झज्जर, जागरण संवाददाता। मौन व्रत यानी एक तय समय तक कुछ नहीं बोलने का व्रत आपके शरीर और मन को कई जबरदस्त फायदे देता है। कई साधु संत भी इस साधना का समय-समय अभ्यास करते हैं। मौन व्रत के रखने से एकाग्रता बढ़ती है, रखने वाला अधिक उर्जावान होता है, दिल के स्वास्थ्य के लिए भी काफी मददगार माना जाता है।

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    मौन व्रत की महत्ता को समझते हुए प्रति वर्ष की तर्ज पर नगर खेड़ा मंदिर के महंत परमानंद गिरी महाराज का 41 दिन का मौन व्रत सोमवार को संपूर्ण हो गया है। बता दें कि सर्व समाज की मंगल कामना करते हुए महंत जी ने मौन धारण किया था। इस दौरान सुर्खपुर रोड़ स्थित आश्रम में रहते हुए उन्होंने तपस्या भी की।

    लोगों में बढ़ी तनाव की स्थिति

    महंत जी बताते है कि आजकल की भाग दौड़ भरी जिंदगी में उर्जा की कमी होने के साथ-साथ लोगों में तनाव की स्थिति भी काफी बढ़ गई है। ऐसे में तनाव से छुटकारा पाने के लिए योग और साधना को बेशक ही एक बेहतर विकल्प माना गया है। खुद को मानसिक रूप से स्वस्थ रखने का एक और विकल्प मौन व्रत के रूप में हमारे पास है।

    मौन व्रत एक साधना है

    दरअसल, मौन व्रत एक प्रकार की साधना है, जिसका अभ्यास कर आप खुद को उर्जावान और समृद्ध बना सकते हैं। मौन व्रत का अर्थ है एक तय समय तक आपको कुछ नहीं बोलना होता है। मौन व्रत रखने की परंपरा सदियों पुरानी है। मौन व्रत यानी एक तय समय तक कुछ न बोलने का व्रत आपके शरीर और मन को कई जबरदस्त फायदे देता है। महंत जी ने बताया कि इन विशेष दिनों में सर्व समाज की मंगल कामना के लिए तपस्या करते हुए समय व्यतीत किया।