Hisar GJU: रिवाेल्यूशन के परिणाम में देरी छात्रों के लिए बनी मुसीबत, बढ़ानी पड़ी दाखिला की अंतिम तारीख
हिसार जीजेयू के रिजल्ट ब्रांच की ओर से पहले उन विद्यार्थियों की इमरजेंसी में उत्तर पुस्तिका चेक करवाई जा रही है जिनको पीजी में दाखिले लेना है। लगभग 90 प्रतिशत सीटें दोबारा से चेक करवाई जा चुकी है। इन नंबरों से भी छात्र नाखुश है।

हिसार, जागरण संवाददाता। हिसार गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीजेयू) से संबंधित कालेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए रिवोल्यूशन के परिणाम में देरी परेशानी का सबब बन गई है। छात्र रिवाेल्यूशन का परिणाम न मिलने से पीजी में दाखिला नहीं ले पा रहे है। कई छात्र आत्महत्या तक का प्रयास कर चुके है और कुछ परिणाम संबंधी शिकायत लेकर विवि को कोर्ट में भी चेलेंज कर चुके हैं। इस वजह से विश्वविद्यालय को पीजी में दाखिले की अंतिम तिथि भी बढ़ानी पड़ी। अब 20 अक्टूबर को कालेजों में काउंसलिंग होगी।
कोई छात्र एक या दो नंबर से फेल दिखा रखा तो किसी छात्र को मिले कम नंबर
सभी विषयों के छठे समेस्टर के पेपर आफलाइन हुए थे। इसके बावजूद परीक्षा परिणाम बेहतर नहीं आया। इससे विद्यार्थियों में भी रोष है। किसी छात्र को एक या दो नंबर से रिअपीयर दे रखी है तो किसी छात्र को कम नंबर मिले है। इस वजह से छात्र-छात्राओं ने परिणाम की खामियां दूरस्त करवाने के लिए रिवोल्यूशन का फार्म भरा था, ताकि उत्तर पुस्तिका को दोबारा से जांच करवाया जा सके। इसका पूरा परिणाम अभी जारी नहीं किया है। इसके अलावा आनलाइन हुए 5वें समेस्टर का परीक्षा परिणाम भी ऐसा ही है। उसमें भी किसी की रिअपीयर दिखा रखी है तो किसी को गैरहाजिर दिखा रखा है। कई बार छात्र परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी को लेकर सवाल उठा चुके हैं।
90 प्रतिशत सीटें दोबारा से चेक करवाई
विवि की रिजल्ट ब्रांच की ओर से पहले उन विद्यार्थियों की इमरजेंसी में उत्तर पुस्तिका चेक करवाई जा रही है, जिनको पीजी में दाखिले लेना है। लगभग 90 प्रतिशत सीटें दोबारा से चेक करवाई जा चुकी है। इन नंबरों से भी छात्र नाखुश है। जिन छात्रों का प्रथम व द्वितीय वर्ष के रिजल्ट की दिक्कत है। उनको दूर करने के लिए कमेटी गठित की हुई है, जो दोबारा से जांच कर रिजल्ट निकाल रही है।
आत्महत्या किसी समस्या का हल नहीं
आदमपुर कालेज के बीए फाइनल की छात्रा ने परीक्षा परिणाम की समस्या को लेकर रिजल्ट ब्रांच की तीसरी मंजिल की छत से छलांग लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया था। उस दौरान छात्रा ने छत के गेट को कुंडी लगा ली। जब छत पर मौजूद स्टाफ ने कुंडी खोल उसे मनाने की कोशिश की, पर वह नहीं मानी। इस बीच सिक्योरिटी गार्ड व महिला कर्मी ने गेट की नीचे की चद्दर को तोड़कर छत पर पहुंचे और छात्रा को नीचे लेकर आए। मनोचिकित्सक के अनुसार आत्महत्या किसी समस्या का हल नहीं है।
यह आई गड़बड़ी, छात्र कर चुके प्रदर्शन
किसी छात्र को एक तो किसी को दो विषय में रिअपीयर दी हुई है।
किसी छात्र को पेपर देने के बाद भी गैरहाजिर दिखाया हुआ।
पहले जारी रिजल्ट में किसी विषय में नंबर ज्यादा दिए तो बाद में जारी रिजल्ट में कम दिए नंबर।
हिंदी व अंग्रेजी विषय में अधिकांश छात्रों को रिअपीयर दी हुई है।
किसी छात्र की पीडीएफ सबमिट न होने या उसमें साफ दिखाई न देने से सीट चेक ही नहीं हुई।
मेल आइडी पर भेजी पीडीएफ को चेक नहीं किया।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।