बहादुरगढ़, जेएनएन। टीकरी बॉर्डर पर आंदोलन में नए-नए मामले सामने आ रहे हैं। मंगलवार को यहां पर नशे में दो युवकों को काबू कर लिया गया। उनके पास से किसानों के चोरी किए गए पर्स व अन्य सामान बरामद हुआ। बाद में उनको पुलिस के हवाले कर दिया गया।

इसके बाद आंदोलनकारी भी असहज दिखे। मंच से यह भी चेतावनी दी कि आंदोलन में आए किसी शख्स द्वारा महिलाओं पर कोई टिप्पणी की गई तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चोरों के पकड़े जाने की सूचना खुद आंदोलनकारियों के मंच से दी गई। साथ ही कहा गया कि आंदोलन स्थल के पास खूब नशा बिक रहा है। इस पर सरकार और पुलिस-प्रशासन को कार्रवाई करते हुए इस नशे की बिक्री को बंद करवाना चाहिए। ऑ

आंदोलनकारी बोले- गृहमंत्री को लिखेंगे पत्र

मंच से इस जानकारी के बाद पुलिस तक सूचना पहुंची तो आधुनिक औद्याेगिक क्षेत्र चौकी से पुलिस टीम यहां पहुंची। पकड़े गए दोनों चोरों को लेकर आई। आंदोलनकारियों ने कहा कि वे इस मामले में गृह मंत्री काे पत्र लिखेंगे। साथ ही यह ऐलान भी किया कि हरियाणा और पंजाब का कोई भी किसान नशे में मिलेगा तो उसको भी पुलिस के हवाले किया जाएगा।

गरीबों को मुफ्त अनाज की घोषणा नहीं हो रही बर्दाश्त 

कोरोना संकट के बीच प्रधानमंत्री की ओर से गरीबों को दीवाली तक मुफ्त राशन देने की घोषणा आंदोलनकारियों से सहन नहीं हो रही है। मंगलवार को टीकरी बार्डर से एक वक्ता ने तो इसे चाल बताया और कहा कि गरीबों को आंदोलन से दूर रखने का सरकार का यह षड्यंत्र है। मगर इस समय किसान-मजदूर को एक होना चाहिए। वहीं पंजाब के किसान नेता रुलदू सिंह मानसा ने कहा कि सरकार द्वारा सब कुछ कारपोरेट घरानों के हवाले किया जा रहा है। हरियाणा व पंजाब के किसानों को लड़ाने की कोशिश की गई, मगर दोनों राज्यों के किसान एकजुट हैं।

हिसार की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप