संवाद सहयोगी, हिसार : हिसार की पहलवान बेटी किरण गोदारा ने एक बार फिर विदेश में देश का परचम लहराया दिया है। ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में चल रहे कॉमनवेल्थ में बृहस्पतिवार को किरण ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कुश्ती में कांस्य पदक पर कब्जा कर लिया है। गोदारा ने 76 किलोग्राम भारवर्ग में मॉरिशस की पहलवान को चित कर मेडल हासिल किया। इससे पहले भी किरण ने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देश की झोली में कई मेडल डाले हैं। इससे पहले साउथ अफ्रीका में चल रही कॉमनवेल्थ कुश्ती वूमेन प्रतियोगिता में 72 किलोग्राम भारवर्ग में मेडल हासिल किया था, जिसके आधार पर किरण कॉमनवेल्थ के चयन लिए हुआ था। वहीं मेडल जीतने पर किरण के परिवार में खुशी का माहौल है। घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

सेक्टर-15 की रहने वाली गोदारा पिछले काफी सालों से कोच विष्णुदास की देखरेख में प्रशिक्षण ले रही है। वहीं किरण गोदारा अपना आदर्श अपने नाना स्वर्गीय रामस्वरूप खिचड़ कालीरावणा को मानती हैं, जो खुद पहलवान थे और उन्होंने किरण को पहलवानी करने के लिए प्रेरित किया। किरण के पिता कुलदीप गोदारा डीसी कार्यालय में क्लर्क हैं। वहीं किरण रेलवे में टीटी हैं। पिता बोले - विदेशी खिलाड़ियों में ज्यादा होता है अनुभव

किरण गोदारा के पिता कुलदीप गोदारा का कहना है कि कॉमनवेल्थ में बेटी के गोल्ड मेडल की उम्मीद थी, लेकिन बेटी ने कांस्य पदक भी जीतकर नया इतिहास रच दिया है। वहीं उनका कहना है कि विदेशी खिलाड़ियों में अनुभव काफी होता है। इसलिए वह आगे निकल जाते है। चूरमा खिलाकर होगा बेटी का स्वागत

किरण गोदारा 17 अप्रैल को दोपहर करीब ढाई बजे दिल्ली पहुंचेंगी। शाम तक वह हिसार पहुंचेंगी। इस दौरान घर लौटने पर किरण गोदारा को देसी घी का चूरमा खिलाकर स्वागत किया जाएगा। किरण गोदारा की माता गीता गोदारा का कहना है कि बेटी को चूरमा काफी पसंद है। वह रोजाना सुबह-शाम चूरमा ही खाती है। घुटने में चोट लगने के कारण नहीं खेल सकी थी 2014 में कॉमनवेल्थ

2014 में प्रैक्ट्रिस के दौरान किरण के घुटने में काफी चोट लगी थी। उनका ऑपरेशन भी हुआ था। ऐसे में किरण कॉमनवेल्थ में नहीं खेल पाई, लेकिन उनका सपना था कि वह कॉमनवेल्थ में मेडल जरूर लाए, वहीं किरण ने अब आस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में चल रहे कॉमनवेल्थ में कर दिखाया है। कॉमनवेल्थ में किरण का अच्छा प्रदर्शन रहा है। किरण ने कांस्य पदक जीतकर पूरे देश का नाम रोशन किया है। किरण के मेडल जीतने पर अन्य खिलाड़ियों में भी खुशी की लहर है। कॉमनवेल्थ के बाद अब उसका अगला टारगेट ओलंपिक में मेडल लाना होगा।

- विष्णुदास, कोच, कुश्ती, महाबीर स्टेडियम

किरण गोदारा की उपलब्धियां

2012 में जूनियर नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप में गोल्ड

2013 में सीनियर नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप में कांस्य पदक

2015 में सीनियर नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल

2016 में सीनियर नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप में कांस्य पदक

2018 साउथ अफ्रीका कॉमनवेल्थ कुश्ती में गोल्ड मेडल

बेटी ने मेडल जीतकर सपना पूरा कर दिया है। बहुत खुशी है। इससे पहले भी बेटी कई मेडल जीत चुकी है।

- कुलदीप गोदारा, किरण के पिता

बेटी ने कांस्य पदक जीतकर एक नया मुकाम हासिल किया है। मुझे बेटी पर गर्व है।

- गीता, किरण की माता

Posted By: Jagran