हिसार, जेएनएन। खाप पंचायत द्वारा चौटाला परिवार को एकजुट करने के लिए शुरू की गई मुहिम का दुष्‍यंत चौटाला द्वारा राजनीतिक तौर पर समर्थन नहीं करने पर विरोध करने वाले जेजेपी नेता उमेद लोहान को पार्टी से निष्‍कासित कर दिया गया है।

जननायक जनता पार्टी ने राष्ट्रीय सचिव उमेद लोहान को पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर पार्टी से निष्कासित किया गया है। पार्टी के प्रधान महासचिव डॉ केसी बांगड़ ने बताया कि उमेद लोहान ने 3 दिन पूर्व नारनौंद हलके के सिसाय गांव के पार्टी विरोधी गतिविधियां की थी। पार्टी ने इस संबंध में उमेद लोहान को नोटिस जारी कर 2 दिन के अंदर अंदर जवाब मांगा था,लेकिन उमेद लोहान ने पार्टी को कोई जवाब नहीं दिया।

इसके अलावा उमेद लोहान को जन सम्मान दिवस के लिए महम का प्रभारी बनाया गया था लेकिन आज तक एक बार भी महम में पार्टी के प्रभारी के तौर पर न तो वर्करों की मीटिंग ली और ना ही किसी की ड्यूटी लगाई। डॉ बांगड़ ने बताया कि पार्टी विरोधी गतिविधियां करने के कारण तथा नोटिस का जवाब ना देने के कारण अनुशासन समिति ने उमेद लोहान को तुरंत प्रभाव से पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है।

वहीं इस पर उमेद लोहान का दर्द भी छलक गया। उन्‍होंने कहा जिस पार्टी के लिए दिन रात काम किया उसने बाहरी आदमी के लिए पार्टी से निकाले जाने की बात हुई है। जननायक जनता पार्टी के राष्ट्रीय सचिव उमेद सिंह लोहान ने अपने निलंबन को असंवैधानिक बताया है। कहा जो नोटिस दिया गया है वह फर्जी है। डॉ केसी बांगड़ के हस्ताक्षर की जगह स्थानीय कार्यालय के किसी व्यक्ति के नोटिस पर हस्ताक्षर थे। उन्‍होंने डॉ केसी बांगड़ से हुई बातचीत का ऑडियो भी जारी किया है। उमेद लोहान के अनुसार ऑडियो में डॉ केसी बांगड़ नोटिस भेजने को नकार रहे हैं।

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बता दें कि खाप पंचायत का समर्थन नहीं करने पर जेजेपी नेता उमेद लोहान ने दुष्‍यंत चौटाला के लिए गांव सिसाय में सद्बुद्धि यज्ञ किया था। उमेद लोहान ने दुष्‍यंत चौटाला के फैसले पर नाराजगी जताते हुए नारनौंद से जेजेपी प्रत्‍याशी रामकुमार गौतम का विरोध करने का ऐलान किया था। उन्‍होंने कहा था जल्द ही कार्यकर्ताओं से सलाह मशवरा करके आगे की रणनीति तय की जाएगी। इसी बात को लेकर अब एक्‍शन लिया गया है। वहीं जेजेपी के अंदर ही फूट पनपने की बात को लेकर नए समीकरण बनने लगे थे।

बता दें कि हाल में ही खाप पंचायत ने चौटाला परिवार को एक करने की मुहिम शुरू की थी। इसमें अभय चौटाला ने फैसला खाप पर छोड़ दिया था। मगर दुष्‍यंत चौटाला की ओर से कोई विशेष सकारात्‍मक रुख देखने को नहीं मिला था। दुष्‍यंत ने किसी भी फैसला लेने को लेकर पिता अजय चौटाला से बात करने की बात कही थी। इस पर खाप पंचायत का कहना था कि वो टाल रहे हैं।

इसके बाद शनिवार को रोहतक में हुई एक बैठक में खाप पंचायत ने अपनी नाराजगी जाहिर की और कहा कि वो चौटाला परिवार को एक करने की मुहिम को खत्‍म कर रहे हैं। अगर दुष्‍यंत चौटाला ने साथ दिया होता तो यह मुहिम सिरे चढ़ जाती। खाप नेता रमेश दलाल ने दुष्‍यंत चौटाला पर कई तरह के आरोप भी लगाए।

वहीं दुष्‍यंत चौटाला का कहना था कि वो चौटाला परिवार को अगर एक करना चाहते हैं तो पारिवारिक तौर पर करें, न की राजनीतिक तौर पर। राजनीतिक तौर पर अब एक साथ मिलकर चल पाना मुश्किल है। वहीं उनका कहना था कि वो किसी एक नेता को पूरी खाप नहीं कह सकते। जब अजय को चौटाला परिवार से अलग कर दिया गया था तो तब किसी खाप ने परिवार को एक करने के लिए हाथ क्‍यों नहीं बढ़ाया। इसलिए राजनीतिक तौर पर हम साथ नहीं आ सकते।

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Posted By: Manoj Kumar

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