जेएनएन, हांसी : जिस खाकी पर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी होती है अगर वहीं हैवानियत पर उतर आए तो जनता भला किस पर भरोसा करेगी। हांसी जिला पुलिस एक बार फिर इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली करतूत के कारण कटघरे में है। डेढ़ साल के अंदर पुलिस पर तीसरी बार अवैध हिरासत में रखकर टार्चर करने के गंभीर आरोप लगे हैं।

 ताजा मामले में पुलिस के लगातार टार्चर से बड़सी जाटान गांव निवासी 23 वर्षीय बिट्टू इतना परेशान हो गया कि उसने बुधवार रात को आत्महत्या करने के लिए जहर निगल लिया व शुक्रवार को उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। इस मामले में बवानीखेड़ा थाने में हांसी के तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मामला दर्ज होने के बाद बवानीखेड़ा पुलिस मामले की जांच के लिए शुक्रवार को हांसी पहुंची। इन तीनों पुलिस अधिकारियों पर जल्द ही गाज गिर सकती है और हांसी पुलिस के एसपी द्वारा इनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही करते हुए सख्त आदेश जारी करने की उम्म्मीद जताई जा रही है।

गौरतलब है कि जिला पुलिस प्रशासन पर बीते डेढ़ साल के अंदर कई बार गंभीर आरोप लग चुके हैं। तीन मामलों में तो कई पुलिस अधिकारी लाइन हाजिर व सस्पेंड तक हो चुके हैं। इसके बावजूद भी पुलिस अधिकारियों की असंवेदनशील कार्यप्रणाली की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। बीते वर्ष बुजुर्ग महिला तारादेवी पर सिटी थाने में अवैध हिरासत में थर्ड डिग्री देने के मामले में चार पुलिस अधिकारियों पर आरोप लगा था। इस मामले में पुलिस की जमकर फजीहत हुई थी। हालांकि इस मामले में चारों पुलिस कर्मचारियों को क्लीन चिट देकर बहाल कर दिया गया है। वहीं एक अन्य मामले में दुष्कर्म का झूठा मामला दर्ज होने का डर दिखाकर लाखों ऐंठने के मामले में भी कई पुलिस अधिकारी सस्पेंड हुए थे जिन्हें बाद में बहाल कर दिया गया।

 इन मामलों के अलावा बीते अप्रैल महीने में आधी रात को भैंस व्यापारियों से मारपीट कर पैसे लूटने के मामले में चार पुलिस कर्मचारियों को लाइन हाजिर किया गया था व दो होमगार्ड को बर्खास्त किया गया था। इस मामले में जींद के एसपी जांच कर रहे हैं।

अब बड़सी जाटान निवासी बिट़टू की मौत के मामले में बवानीखेड़ा थाने में हांसी सदर थाने के एएसआइ राजबीर, एसआइ जगबीर व एचसी सीमा पर अवैध हिरासत में युवक को टार्चर करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया हैं। मृतक के परिजनों का आरोप है कि ङ्क्षबटू के शरीर पर सिगरेट से दागे जाने के निशान भी हैं।

मामले की निष्‍पक्ष होगी जांच

जिला पुलिस के अंतर्गत सदर थाने के तीन पुलिस कर्मचारियों पर एक युवक को टार्चर करने के आरोप लगे हैं। इस मामले में फिलहाल पुलिस जांच करेगी व उसके बाद ही उनके खिलाफ आगामी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन युवक के परिजनों को आश्वस्त करता है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच होगी।

- राजबीर सैनी, डीएसपी

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